Thursday, May 21, 2026
Google search engine
HomeMaharashtraठाणे के गावदेवी मार्केट में भीषण आग: लोगों की जान बचाते हुए...

ठाणे के गावदेवी मार्केट में भीषण आग: लोगों की जान बचाते हुए दो जांबाज कर्मियों की मौत, शहर में शोक की लहर

इंद्र यादव/मुंबई। ठाणे शहर के व्यस्त गावदेवी मार्केट में गुरुवार सुबह लगी भीषण आग ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। इस दर्दनाक हादसे में आग बुझाने और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के दौरान अग्निशमन दल के एक जवान और ठाणे महानगरपालिका के आपदा प्रबंधन विभाग के एक कर्मचारी की मौत हो गई। मृतकों में आपदा प्रबंधन विभाग के स्थानक अधिकारी सागर शिंदे भी शामिल हैं, जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपनी जान कुर्बान कर दी। घटना के बाद पूरे ठाणे शहर में शोक और गम का माहौल है। जानकारी के अनुसार, गावदेवी मार्केट स्थित एक इमारत में अचानक आग भड़क उठी। मार्केट क्षेत्र घनी आबादी और संकरी गलियों वाला होने के कारण आग तेजी से फैल गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। आग में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए सागर शिंदे और उनके साथी बिना अपनी जान की परवाह किए सीधे आग और धुएं के बीच उतर गए। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अचानक हालात बेहद गंभीर हो गए। प्राथमिक जानकारी के अनुसार दम घुटने या मलबे की चपेट में आने से दोनों जांबाज कर्मियों की मौत हो गई। इस घटना ने राहत कार्य में जुटे अन्य कर्मचारियों और स्थानीय लोगों को भी स्तब्ध कर दिया। घटना के बाद सोशल मीडिया और शहर के विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक हलकों में दोनों वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी जा रही है। लोग सागर शिंदे को “कर्तव्य की वेदी पर शहीद होने वाला सच्चा योद्धा” बताते हुए उनके साहस और समर्पण को सलाम कर रहे हैं। शहरभर में यह चर्चा है कि जिन लोगों ने दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जिंदगी दांव पर लगा दी, उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। इस दर्दनाक हादसे के बाद बाजारों और व्यावसायिक इमारतों की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि गावदेवी मार्केट में सुरक्षा इंतजामों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि क्या संकरी गलियों वाले इस इलाके में आपदा से निपटने के लिए पर्याप्त आधुनिक उपकरण और संसाधन उपलब्ध थे। साथ ही, शहीद हुए दोनों कर्मियों के परिवारों को उचित मुआवजा, सरकारी सहायता और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग भी तेज हो गई है। ठाणे शहर आज अपने उन दो बहादुर रक्षकों को नम आंखों से याद कर रहा है, जिन्होंने दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए अपनी जान न्योछावर कर दी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments