मुंबई। मध्य रेल के महाप्रबंधक राजीव श्रीवास्तव ने मई 2026 के लिए 10 कर्मचारियों को प्रतिष्ठित ‘संरक्षा पुरस्कार’ से सम्मानित किया। यह सम्मान सुरक्षित रेल परिचालन सुनिश्चित करने में कर्मचारियों द्वारा दिखाई गई असाधारण सतर्कता, कर्तव्यनिष्ठा और समय पर की गई कार्रवाई के लिए प्रदान किया गया। इन कर्मचारियों ने ड्यूटी के दौरान संभावित दुर्घटनाओं को टालकर यात्रियों और रेलवे संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की। प्रत्येक पुरस्कार में पदक, प्रशस्ति पत्र, संरक्षा कार्य हेतु प्रशंसा पत्र तथा ₹3,500 की नकद राशि प्रदान की गई। मुंबई मंडल के कर्मचारी सम्मानित महादेव चौधरी ने 22 मार्च 2026 को एक मालगाड़ी की ब्रेक पावर जांच के दौरान एक वैगन के टूटे हुए बेयरिंग कप को पहचान लिया और तत्काल अधिकारियों को सूचना देकर संभावित दुर्घटना टाल दी। विजय सिंह ने 4 अप्रैल 2026 को ट्रेन संख्या 12072 की जांच के दौरान एक कोच का टूटा हुआ व्हील फ्लेंज देखा। उनकी तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। पुणे मंडल के कर्मचारियों की सतर्कता बनी मिसाल सुमीत कुमार ने 28 अप्रैल 2026 को एक मालगाड़ी के वैगन के नीचे धुआं और चिंगारी देख तत्काल अग्निशमन कार्रवाई करवाई और अधिकारियों को सूचित किया, जिससे संभावित दुर्घटना टल गई। बबन जाधव ने ट्रेन संख्या 11030 की जांच के दौरान एक कोच का टूटा हुआ डैशपॉट देखा, जो सामान्य निरीक्षण में पकड़ना कठिन था। उनकी सतर्कता ने दुर्घटना को रोका। मोहम्मद शेख शकील ने 26 मार्च 2026 को लेवल क्रॉसिंग पर ड्यूटी के दौरान गुजरती मालगाड़ी के एक्सल बॉक्स से धुआं और चिंगारी निकलते देख स्टेशन मास्टर को सूचना दी, जिसके बाद ट्रेन को रोककर हॉट एक्सल की खराबी पकड़ी गई। भुसावल मंडल में तीन कर्मचारियों ने टाली बड़ी घटनाएं हिमांशु अग्रवाल ने 12 अप्रैल 2026 को खंडवा स्टेशन पर एक मालगाड़ी के डोम कवर से गंभीर गैस रिसाव देखा और तुरंत संबंधित अधिकारियों को सतर्क कर बड़ा हादसा टाल दिया। बाबू किरण ने 1 अप्रैल 2026 को ट्रेन संख्या 12129 के लोकोमोटिव में ट्रैक्शन मोटर का ढीला टॉर्क आर्म बोल्ट पकड़ा, जिसे समय रहते ठीक कर लिया गया। एस.एस. खेडेकर ने 3 अप्रैल 2026 को चलती ट्रेन संख्या 11077 में चढ़ने की कोशिश कर रहे एक यात्री को गिरने से बचाकर साहस और तत्परता का परिचय दिया। सोलापुर और नागपुर मंडल के कर्मचारी भी सम्मानित भारत गोरख पासले ने 14 अप्रैल 2026 को एक मालगाड़ी में हॉट एक्सल पहचानकर लाल संकेत दिखाकर ट्रेन रुकवाई और संभावित दुर्घटना टाल दी। राजेश कुमार ने 28 मार्च 2026 को जौलखेड़ा-अमला सेक्शन में एक जेसीबी मशीन द्वारा ओएचई मास्ट को टक्कर मारने की घटना देख तुरंत अधिकारियों को सूचना दी, जिससे आगे आने वाली ट्रेन को सावधानीपूर्वक संचालित किया गया और बड़ी दुर्घटना रोकी जा सकी। महाप्रबंधक राजीव श्रीवास्तव ने सभी पुरस्कार विजेताओं की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सतर्कता और समर्पण अन्य कर्मचारियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे प्रयासों से रेलवे में सुरक्षा संस्कृति और अधिक मजबूत होगी। इस अवसर पर चंद्र किशोर प्रसाद सहित मध्य रेल के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।