पूर्व सह आयुक्त सु. स. देशमुख ने धमकी के आरोपों को किया सिरे से खारिज

मुंबई। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने ठाणे स्थित खाद्य एवं औषधि प्रशासन के सेवानिवृत्त सह आयुक्त (कोकण विभाग) सु. स. देशमुख को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में उन पर एक सरकारी अधिकारी के शासकीय कार्य में हस्तक्षेप, दबाव बनाने, धमकी देने तथा सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।यह कार्रवाई अन्न सुरक्षा अधिकारी श्रीमती के. यो. चिपलूणकर द्वारा 18 अगस्त 2026 को दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई है। शिकायत के अनुसार, M/S Parassrushti Hospitality LLP के खाद्य सुरक्षा लाइसेंस की जांच के दौरान नियमों के अनुरूप कार्रवाई की गई थी। जांच में पाई गई अनियमितताओं के आधार पर 3 जुलाई 2026 को लाइसेंस निरस्त करने की अनुशंसा की गई थी, जिसके बाद सक्षम प्राधिकारी ने 16 जुलाई 2026 को संबंधित प्रतिष्ठान का लाइसेंस निरस्त कर दिया। नोटिस के अनुसार, लाइसेंस निरस्त होने के बाद 28 जुलाई 2026 को सु. स. देशमुख ने अन्न सुरक्षा अधिकारी श्रीमती के. यो. चिपलूणकर से फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क कर उनके शासकीय कार्य में हस्तक्षेप किया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अधिकारी को धमकी देते हुए “तुम्हें दोनों को देख लूंगा”, “शिकायत करूंगा”, “पीआईएल दाखिल करूंगा” तथा “एसीबी ओपन इन्क्वायरी कराऊंगा” जैसे शब्दों का प्रयोग किया। साथ ही Bombay Dhaba, Sudhhu Dhaba और Shangrila Resort का उल्लेख करते हुए संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध शिकायत करने की बात भी कही।20 अगस्त 2026 को आयुक्त तुकाराम मुंढे द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस में कहा गया है कि यदि प्रथम दृष्टया लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह महाराष्ट्र नागरिक सेवा (निवृत्तिवेतन) नियम, 1982 के प्रावधानों के विपरीत माना जाएगा और उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। नोटिस में सु. स. देशमुख को निर्देश दिया गया है कि वे नोटिस प्राप्त होने के सात दिनों के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। यदि निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होता है, तो उपलब्ध शिकायत और अभिलेखों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।एफडीए आयुक्त द्वारा जारी इस नोटिस के बाद विभाग में मामला चर्चा का विषय बन गया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि सेवानिवृत्त सह आयुक्त सु. स. देशमुख अपने बचाव में क्या स्पष्टीकरण देते हैं और विभाग इस मामले में आगे क्या निर्णय लेता है।वहीं, इस मामले पर पूर्व सह आयुक्त सु. स. देशमुख ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती के. यो. चिपलूणकर द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भी विभाग के खिलाफ कोई काम नहीं किया है और जिस प्रतिष्ठान का उल्लेख किया जा रहा है, उससे उनका कोई संबंध नहीं है। उनके अनुसार, उनके खिलाफ किस उद्देश्य से यह कार्रवाई की जा रही है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है और वे अपना पक्ष विभाग के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।

