
मुंबई। बांद्रा के गरीब नगर इलाके में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के दूसरे दिन उस वक्त तनाव फैल गया, जब वेस्टर्न रेलवे की कार्रवाई के दौरान एक मस्जिद की इमारत को गिरा दिया गया। इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश फैल गया और मौके पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मस्जिद का हिस्सा तोड़े जाने के दौरान लोगों ने भावनात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की और बड़ी संख्या में निवासी सड़क पर उतर आए। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने मुंबई पुलिस के जवानों पर पानी और बाल्टियां फेंकीं। हालात बिगड़ने पर पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। मौके से सामने आए वीडियो में पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प के दृश्य दिखाई दिए। कुछ वीडियो में महिला पुलिसकर्मियों को लोगों को हटाते और हिरासत में लेते हुए भी देखा गया। इसके अलावा, कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अतिक्रमण हटाने वाली टीम पर पत्थरबाजी किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस ने ऐसे लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह अतिक्रमण हटाओ अभियान मंगलवार को बांद्रा रेलवे स्टेशन के पास शुरू हुआ था। बंबई उच्च न्यायालय द्वारा हाल ही में वेस्टर्न रेलवे को इस क्षेत्र में बनी अवैध संरचनाओं को हटाने की अनुमति दिए जाने के बाद यह कार्रवाई शुरू की गई। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पहले दिन करीब 18 प्रतिशत अवैध झुग्गियों को हटाया गया। वेस्टर्न रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक के मुताबिक, पांच दिन तक चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य करीब 5,300 वर्ग मीटर रेलवे भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना है, ताकि रेलवे सुरक्षा क्षेत्र को सुरक्षित किया जा सके और भविष्य की परियोजनाओं के लिए जगह उपलब्ध हो सके। इस अभियान के लिए लगभग 1,000 कर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें मुंबई पुलिस के करीब 400 जवान, रेलवे सुरक्षा बल (RPF), सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) और रेलवे के विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हैं। हालांकि, बंबई उच्च न्यायालय ने अपने 5 मई के आदेश में यह भी स्पष्ट किया था कि वर्ष 2021 के सर्वेक्षण में पात्र पाए गए झुग्गी निवासियों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बंदोबस्त तैनात है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।




