
त्रिशूर (केरल)| केरल के त्रिशूर जिले के मुंडाथिकोड क्षेत्र में पटाखा भंडारण केंद्र में लगी भीषण आग ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। इस घटना की पुष्टि केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) ने की है। घटना के बाद केरल सरकार के मंत्री के राजन और एमबी राजेश ने मौके का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। मंत्री एमबी राजेश ने बताया कि फिलहाल छह लोग गंभीर हालत में हैं और लापता लोगों की जानकारी जुटाने के लिए दो कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। उन्होंने कहा, “छह लोग अभी भी गंभीर स्थिति में हैं। लापता लोगों की जानकारी के लिए दो कंट्रोल रूम शुरू किए गए हैं और उम्मीद है कि शाम तक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। जांच जारी है।” वहीं, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) एच वेंकटेश ने बताया कि मामले की प्रारंभिक जांच चल रही है और विस्तृत जानकारी जांच पूरी होने के बाद साझा की जाएगी। घटना के बाद फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को मौके पर तैनात किया गया है, जो विस्फोट स्थल की गहन जांच कर रहे हैं। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं कोई खतरनाक अवशेष या बिना जले विस्फोटक सामग्री तो नहीं बची है।इस बीच, केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने भी घटनास्थल का दौरा कर जांच कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों से जानकारी ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। यह हादसा 21 अप्रैल को उस समय हुआ, जब मुंडाथिकोड स्थित पटाखा भंडारण केंद्र में अचानक आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे भारी जनहानि हुई।प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य जारी हैं, वहीं घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।




