
जालना। मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे पाटील का अंतरवाली सराटी में 29 अगस्त से शुरू बेमियादी अनशन पांचवें दिन भी जारी है। भाजपा विधायक प्रसाद लाड ने जरांगे पाटील से मुलाकात कर उनकी मांगों पर सरकार की ओर से सकारात्मक रुख का भरोसा दिलाते हुए अनशन खत्म करने की अपील की। हालांकि जरांगे पाटील अपनी मांगों पर अड़े रहे और साफ कहा कि हैदराबाद गजट के आधार पर प्रमाणपत्रों का वास्तविक वितरण शुरू होने तथा कम से कम चार प्रमाणपत्र जारी किए जाने तक वे अनशन नहीं छोड़ेंगे। जरांगे पाटील ने कहा कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। हैदराबाद गजट के आधार पर मराठवाड़ा से प्रमाणपत्रों का वितरण शुरू होना चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं पानी पीऊंगा, लेकिन अनशन नहीं छोड़ूंगा। जब तक सभी मांगें स्वीकार नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। पहले हैदराबाद गजट के आधार पर प्रमाणपत्र बांटना शुरू कीजिए, उसके बाद देखेंगे।” इस दौरान जरांगे पाटील ने मराठा आरक्षण के मुद्दे पर सरकार के भीतर श्रेय लेने की राजनीति का भी आरोप लगाया। उन्होंने प्रसाद लाड के सामने कहा कि मराठा आरक्षण का मुद्दा श्रेय की लड़ाई में फंस गया है। श्रेय एकनाथ शिंदे को मिले या देवेंद्र फडणवीस को, इसे लेकर खींचतान चल रही है। जरांगे पाटील से मुलाकात के दौरान प्रसाद लाड ने भावुक अपील करते हुए कहा, “दादा, मैं आपसे विनती करने आया हूं। पहले दिन से कह रहा हूं कि अनशन मत कीजिए। आपके मन में जो है, वही होगा। आपके मुद्दे को हल करने के लिए हम हैं। कल रात से मुझे भी नींद नहीं आई है। आंखों में आंसू हैं। आज मैं आपके बड़े भाई के रूप में यहां आया हूं और आपका साथ देने आया हूं। लाड ने दावा किया कि जरांगे पाटील की 15 मांगों के जवाब पहले ही भेजे जा चुके हैं। राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत में संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध कराए जाएंगे और जिलावार पेन ड्राइव दिए गए हैं। प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है और मंत्रालय में भी इसके लिए एक विशेष कक्ष स्थापित किया जा रहा है। प्रसाद लाड ने घोषणा की कि हैदराबाद गजट के अनुसार प्रमाणपत्र जारी करने का काम अगले दिन दोपहर 12 बजे तक शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “हम छह करोड़ मराठा हैं, हम कम नहीं हैं। आवेदकों को केवल आवेदन करना होगा। आवेदन नहीं करेंगे तो प्रमाणपत्र कैसे मिलेगा? पहला प्रमाणपत्र दादा के हाथों दिया जाएगा। लाड ने कहा कि सरकार मराठा समाज की मांगों के साथ खड़ी है। उन्होंने आरक्षण से जुड़े न्यायिक मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य के महाधिवक्ता मिलिंद साठे हैदराबाद गजट से जुड़े मामले में सरकार की ओर से पक्ष रख रहे हैं। लाड ने कहा, “छत्रपति शिवाजी महाराज की शपथ लेकर कहता हूं कि इसे रद्द नहीं होने देंगे। सरकार की ओर से प्रमाणपत्र वितरण शुरू करने और मांगों पर सकारात्मक निर्णय का भरोसा दिए जाने के बावजूद जरांगे पाटील ने स्पष्ट कर दिया है कि वे केवल आश्वासन पर अनशन खत्म नहीं करेंगे। उन्होंने कम से कम चार प्रमाणपत्र जारी करने और हैदराबाद गजट के आधार पर मराठवाड़ा में प्रमाणपत्र वितरण की प्रक्रिया प्रत्यक्ष रूप से शुरू करने की शर्त रखी है। ऐसे में अब सरकार की घोषणा के वास्तविक अमल पर मराठा समाज की निगाहें टिकी हैं।

