
तिनसुकिया (असम)। असम पुलिस को आतंकवाद के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता मिली है। तिनसुकिया पुलिस ने असम–अरुणाचल प्रदेश सीमा के निकट स्थित जगुन क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम–इंडिपेंडेंट (ULFA-I) के दो सक्रिय कैडरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से अत्याधुनिक हथियारों, विस्फोटकों और भारी मात्रा में गोला-बारूद का जखीरा बरामद किया है। अधिकारियों का मानना है कि समय रहते की गई इस कार्रवाई से राज्य में कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने की एक बड़ी साजिश विफल हो गई। पुलिस के अनुसार, खुफिया सूचना मिली थी कि ULFA-I के दो सदस्य म्यांमार से अरुणाचल प्रदेश के रास्ते असम में प्रवेश कर चुके हैं और तिनसुकिया जिले में किसी बड़ी आतंकी गतिविधि को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना के आधार पर तिनसुकिया पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर जगुन क्षेत्र में संदिग्ध वाहन को रोका और तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सियोर असोम उर्फ हुमेनज्योति बरुआ (27) और मनोज असोम उर्फ पापू मोरन (30) के रूप में हुई है। दोनों प्रतिबंधित संगठन ULFA-I से जुड़े बताए जा रहे हैं। तलाशी के दौरान पुलिस ने उनकी कार से दो AK-56 असॉल्ट राइफल, 172 जिंदा कारतूस, दो हैंड ग्रेनेड, आपातकालीन परिस्थितियों में उपयोग होने वाली दवाइयां तथा जंगलों में लंबे समय तक रहने के लिए आवश्यक खाद्य सामग्री बरामद की। पुलिस का कहना है कि इन सामग्रियों से संकेत मिलता है कि दोनों लंबे समय तक भूमिगत रहकर किसी बड़ी कार्रवाई की तैयारी में थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने हथियारों की इस खेप को असम तक पहुंचाने के लिए कार का इस्तेमाल किया था। पुलिस का मानना है कि यदि समय रहते इन्हें नहीं पकड़ा जाता, तो ये हथियार किसी बड़ी आतंकी घटना या हिंसक गतिविधि में इस्तेमाल किए जा सकते थे। फिलहाल तिनसुकिया पुलिस दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि उन्हें हथियार किस नेटवर्क के माध्यम से मिले, असम में उनका संपर्क किन लोगों से था और इस साजिश में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही, म्यांमार से अरुणाचल प्रदेश होते हुए असम तक उनके पूरे रूट और संभावित सहयोगियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और पूछताछ के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। सुरक्षा एजेंसियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी भी बढ़ा दी है ताकि किसी भी संभावित आतंकी गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।



