
हैदराबाद। हैदराबाद सिटी पुलिस की कमिश्नर टास्क फोर्स की हैदराबाद फूड एडल्टरेशन सर्विलांस टीम (H-FAST) ने खाद्य सुरक्षा विभाग के साथ संयुक्त अभियान चलाकर शहर में बड़े पैमाने पर नकली और मिलावटी घी बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। विशेष अभियान के दौरान 36 टन मिलावटी घी, कच्चा माल और खतरनाक रासायनिक पदार्थ जब्त किए गए।
विश्वसनीय सूचना और आम नागरिकों से मिली शिकायतों के आधार पर संयुक्त टीमों ने हैदराबाद पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में एक साथ 130 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। इनमें 39 घी निर्माण इकाइयां और 91 घी बिक्री केंद्र शामिल थे। जांच के दौरान सामने आया कि कई इकाइयों में पाम ऑयल, वनस्पति (डालडा), कृत्रिम घी फ्लेवर, स्टार्च और अन्य रसायनों को मिलाकर सिंथेटिक घी तैयार किया जा रहा था। इसके बाद इस मिलावटी घी को “100% Pure Ghee”, “Premium Ghee”, “Farm Fresh Ghee” और “Natural Ghee” जैसे भ्रामक नामों से पैक कर बाजार में असली देसी घी बताकर बेचा जा रहा था।
36 टन सामग्री जब्त
कार्रवाई के दौरान लगभग 25.5 टन मिलावटी घी, 8.7 टन क्रीम, 1,200 लीटर पाम ऑयल, 600 लीटर वनस्पति (डालडा), विभिन्न प्रकार के कृत्रिम घी फ्लेवर की छह बोतलें तथा 30 किलोग्राम स्टार्च बरामद किया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मौके पर नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिए हैं तथा जब्त सामग्री को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग को सौंप दिया गया है। जांच में पता चला कि दूध से प्राप्त वसा की जगह पाम ऑयल, वनस्पति, स्किम्ड मिल्क पाउडर, स्टार्च और कृत्रिम फ्लेवर मिलाकर घी तैयार किया जा रहा था। कुछ मामलों में तो बिना किसी दूध आधारित सामग्री के ही नकली घी बनाया जा रहा था। पैकेटों पर न तो एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर, न बैच नंबर, न निर्माण तिथि और न ही एक्सपायरी डेट दर्ज थी।
कहां-कहां की जा रही थी सप्लाई
पुलिस के अनुसार मिलावटी घी की मिलावट 10 से 40 प्रतिशत तक थी। इसे गुणवत्ता के अनुसार अलग-अलग जगहों पर सप्लाई किया जा रहा था। इनमें पूजा में इस्तेमाल होने वाला दीपम घी, होटल, रेस्टोरेंट, टिफिन सेंटर, मिठाई की दुकानें, स्टार होटल, बेकरी, कैटरिंग सेवाएं और आयुर्वेदिक दवा की दुकानें शामिल हैं। यह घी तेलंगाना के अलावा पड़ोसी राज्यों में भी भेजा जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि घी बनाने में इस्तेमाल होने वाली क्रीम महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु से मंगाई जाती थी। कम लागत में तैयार इस नकली घी को असली देसी घी के दाम पर बेचकर भारी मुनाफा कमाया जा रहा था।
स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार पाम ऑयल, वनस्पति और विभिन्न रासायनिक पदार्थों से तैयार मिलावटी घी का सेवन करने से शरीर में ट्रांस फैट बढ़ता है, जिससे हृदय रोग, स्ट्रोक, उच्च कोलेस्ट्रॉल, पाचन संबंधी समस्याएं, लीवर और किडनी पर दबाव, त्वचा संबंधी एलर्जी तथा लंबे समय में चयापचय (मेटाबॉलिक) संबंधी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
पुलिस की अपील
हैदराबाद सिटी पुलिस ने लोगों से अपील की है कि घी, दूध और अन्य डेयरी उत्पाद केवल लाइसेंसधारी एवं विश्वसनीय विक्रेताओं से ही खरीदें। पैकेजिंग पर एफएसएसएआई लाइसेंस, निर्माता का विवरण, निर्माण तिथि और सीलबंद पैक की जांच अवश्य करें। खुले या असामान्य रूप से सस्ते डेयरी उत्पादों से बचें। यदि कहीं मिलावटी खाद्य पदार्थों का निर्माण या अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य सामग्री तैयार होते दिखाई दे तो इसकी सूचना डायल-112 या H-FAST हेल्पलाइन 8712661212 पर कॉल अथवा व्हाट्सएप के माध्यम से दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। यह विशेष अभियान डीसीपी (टास्क फोर्स) आईपीएस श्री गायकवाड़ वैभव रघुनाथ के नेतृत्व में H-FAST की टीम ने खाद्य सुरक्षा विभाग के सहयोग से चलाया।

