
इंद्र यादव/मुंबई। विरार में नकली नोटों के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए वसई क्राइम ब्रांच यूनिट-2 की टीम ने मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर कार्रवाई कर करीब 1 करोड़ रुपये के जाली नोट बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, यह नकली करेंसी गुजरात से मुंबई ले जाई जा रही थी। मामले में कार सवार एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने कार को भी अपने कब्जे में ले लिया है और अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नकली नोटों की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे मुंबई में किसे सौंपा जाना था। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गुजरात की ओर से एक कार के जरिए बड़ी मात्रा में जाली करेंसी मुंबई की तरफ ले जाई जा रही है। सूचना मिलने के बाद वसई क्राइम ब्रांच यूनिट-2 की टीम ने मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर निगरानी बढ़ा दी और संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की। इसी दौरान पुलिस को शिरसाट फाटा ब्रिज के नीचे एक संदिग्ध कार दिखाई दी। पुलिस टीम ने कार को रोकने का प्रयास किया। कार सवार ने घबराकर वाहन को पीछे रोक दिया, जिससे पुलिस का शक और गहरा गया।इसके बाद पुलिस टीम ने कार की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार के अंदर रखे एक बैग से 500 रुपये मूल्य के करीब 20 हजार जाली नोट बरामद हुए। बरामद नोटों की कुल अंकित कीमत करीब 1 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने नकली नोटों की खेप जब्त कर कार सवार व्यक्ति को हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली है कि बरामद जाली नोटों को कथित तौर पर करीब 30 लाख रुपये में बेचने की तैयारी थी। हालांकि, पुलिस अभी इस बात की पुष्टि करने के लिए आरोपी से पूछताछ कर रही है कि नकली नोट किस व्यक्ति को दिए जाने थे और इसके लिए कौन-कौन से लोग संपर्क में थे। क्राइम ब्रांच अब पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में जाली करेंसी कहां से आई, इसे किसने तैयार किया, गुजरात से मुंबई तक पहुंचाने में कौन-कौन लोग शामिल थे और मुंबई में इसकी सप्लाई कहां की जानी थी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इसके पीछे कोई बड़ा अंतरराज्यीय नकली नोट गिरोह सक्रिय है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, केवल खेप बरामद होने तक जांच सीमित नहीं रखी जाएगी, बल्कि इसके पीछे मौजूद पूरे नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा। हिरासत में लिए गए संदिग्ध से पूछताछ के साथ-साथ उसके संपर्कों, मोबाइल फोन और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।यह कार्रवाई सोमवार रात की बताई जा रही है। वसई क्राइम ब्रांच की टीम मामले की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ नकली नोटों के स्रोत, सप्लाई नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। फिलहाल पुलिस ने बरामद करीब 1 करोड़ रुपये की जाली करेंसी और वाहन को अपने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

