
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत वर्ष 2014 से 30 जून 2026 तक कुशल एवं अकुशल कार्यों की लंबित निधि का मुद्दा जल्द सुलझने की उम्मीद है। इस संबंध में रोजगार गारंटी, बागवानी एवं खारभूमि विकास मंत्री भरत गोगावले ने केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान से मुलाकात की। मंत्री गोगावले द्वारा लगातार की जा रही पैरवी के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री पासवान ने आगामी आठ दिनों के भीतर महाराष्ट्र के लिए लंबित निधि उपलब्ध कराने का प्रयास करने का आश्वासन दिया। गुरुवार को नई दिल्ली में हुई बैठक के दौरान मंत्री भरत गोगावले ने महाराष्ट्र से संबंधित मनरेगा के विभिन्न लंबित मुद्दों को केंद्र सरकार के समक्ष रखा। उन्होंने विशेष रूप से व्यक्तिगत लाभार्थियों के कुओं, सार्वजनिक कुओं तथा अन्य सार्वजनिक विकास कार्यों के लिए लंबित निधि की ओर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय का ध्यान आकर्षित किया। केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने आश्वासन दिया कि महाराष्ट्र की लंबित मनरेगा निधि के संबंध में केंद्र सरकार आवश्यक कार्रवाई करेगी और आगामी आठ दिनों के भीतर राज्य को निधि उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। बैठक में सांसद श्रीरंग बारणे, रोजगार गारंटी विभाग के सहसचिव अतुल कोदे, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की सहसचिव रोहिणी भाजीभाकरे तथा महाराष्ट्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री भरत गोगावले की लगातार पैरवी के चलते महाराष्ट्र में मनरेगा के तहत लंबित निधि का मुद्दा सुलझने की संभावना बढ़ गई है। गोगावले ने विश्वास व्यक्त किया कि निधि उपलब्ध होने के बाद राज्य में मनरेगा के तहत संचालित विकास कार्यों को गति मिलेगी।

