
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर शेतकरी कर्जमुक्ती योजना’ अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। सहकार विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे बिना देरी किए अपने बैंक खाते को आधार से लिंक कराएं, ताकि योजना का लाभ सीधे उनके ऋण खाते में जमा किया जा सके। सहकार विभाग के अनुसार, आधार प्रमाणीकरण पूरा होते ही जुलाई के दूसरे सप्ताह से पात्र किसानों के ऋण खातों में कर्जमाफी की राशि जमा करने की तैयारी है। इस योजना के तहत राज्य के करीब 56 लाख किसानों को लगभग 36,500 करोड़ रुपये की राहत मिलने का अनुमान है। विभाग ने बताया कि सहकार आयुक्त एवं निबंधक तथा जिला बैंकर्स समिति की ओर से सभी सहकारी और वाणिज्यिक बैंकों को पात्र किसानों के आधार नंबर एकत्र करने के निर्देश दिए गए हैं। योजना की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी बैंकों से पात्र किसानों के ऋण खातों का विवरण पोर्टल पर अपलोड कराया जा रहा है। इसके बाद प्रत्येक पात्र किसान को ऋण खाते के आधार पर एक विशिष्ट पहचान संख्या दी जाएगी। पात्र किसानों की सूची बैंक शाखाओं, ग्राम पंचायतों, तलाठी कार्यालयों तथा ऑनलाइन पोर्टल पर प्रकाशित की जाएगी। आधार सत्यापन पूरा होने के बाद सरकार सीधे संबंधित किसान के ऋण खाते में कर्जमाफी की राशि जमा करेगी। साथ ही, जिन किसानों को इस योजना का लाभ मिलेगा, उन्हें चालू खरीफ सीजन के लिए नया फसल ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश भी सभी बैंकों को दिए गए हैं।
दो लाख रुपये तक के फसल ऋण होंगे माफ
योजना के तहत दो लाख रुपये तक के अल्पकालीन फसल ऋण माफ किए जाएंगे। इसमें बकाया, पुनर्गठित और पुनर्पुनर्गठित ऋण भी शामिल हैं। जिन किसानों पर दो लाख रुपये से अधिक का कर्ज है, उन्हें पहले अतिरिक्त राशि बैंक में जमा करनी होगी, जिसके बाद दो लाख रुपये तक की कर्जमाफी का लाभ मिलेगा।
नियमित ऋण चुकाने वालों को मिलेगा 50 हजार रुपये का प्रोत्साहन
सरकार ने नियमित रूप से ऋण चुकाने वाले किसानों के लिए भी विशेष प्रावधान किया है। ऐसे किसानों को 50 हजार रुपये तक का प्रोत्साहन अनुदान दिया जाएगा। खास बात यह है कि पूर्व की कर्जमाफी योजनाओं का लाभ ले चुके किसान भी इस प्रोत्साहन राशि के पात्र होंगे। सहकार विभाग ने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल कर्जमाफी देना नहीं, बल्कि किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, उनका आत्मविश्वास बढ़ाना और राज्य के कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जा देना है। विभाग ने सभी किसानों से जल्द से जल्द बैंक जाकर अपने ऋण खाते को आधार से लिंक कराने की अपील की है।



