
झाँसी, उत्तर प्रदेश। दीनदयाल सभागार में बुधवार को मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों तथा उनके आश्रितों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस योजना’ का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही अभिभावकों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से धनराशि अंतरित किए जाने संबंधी कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश महिला कल्याण निगम की अध्यक्ष, सांसद, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों एवं शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों ने सहभागिता की और मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा। कार्यक्रम के उपरांत जनपद के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कार्यरत वार्डनों, पूर्णकालिक एवं अंशकालिक शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा प्रधानमंत्री पोषण योजना के अंतर्गत कार्यरत रसोइयों सहित अन्य पात्र लाभार्थियों को ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस योजना’ के प्रतीकात्मक कार्ड वितरित किए गए। इस अवसर पर उपस्थित शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा गया कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में शिक्षकों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक कर्मचारी की महत्वपूर्ण भूमिका है। सभी शिक्षक एवं कर्मचारी अपने शैक्षिक और शिक्षणेत्तर दायित्वों का पूर्ण मनोयोग, निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें। वक्ताओं ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस योजना’ शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रितों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का उद्देश्य रखा गया है। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने शिक्षक समुदाय से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने तथा उनके सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया। साथ ही शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में शिक्षकों, शिक्षामित्रों, वार्डनों और रसोइयों सहित शिक्षा विभाग से जुड़े सभी कर्मचारियों के योगदान की सराहना की गई।



