
मुंबई। महाराष्ट्र में गोवंश संरक्षण के लिए मौजूदा कानूनों को सख्ती से लागू किया जा रहा है। गो-तस्करी और गोवंश की अवैध ढुलाई के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी है। गो-तस्करी के लिए बार-बार इस्तेमाल होने वाले वाहनों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने के संबंध में राज्य सरकार सकारात्मक निर्णय लेगी। साथ ही आदतन अपराधियों के खिलाफ मकोका के तहत भी कार्रवाई की जा रही है। यह जानकारी गृह राज्यमंत्री पंकज भोयर ने विधानसभा में दी। बुधवार को विधानसभा सदस्य सुधीर मुनगंटीवार द्वारा उठाई गई आधे घंटे की चर्चा का जवाब देते हुए राज्यमंत्री भोयर ने कहा कि राज्य में महाराष्ट्र प्राणी संरक्षण अधिनियम और गोवंश हत्या प्रतिबंध कानून को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गो-तस्करी की जानकारी देने वाले गोरक्षकों और शिकायतकर्ताओं का रिकॉर्ड रखा जाता है। अवैध गोवंश परिवहन के लिए इस्तेमाल किए गए वाहनों को जब्त किया जाता है और न्यायालय के आदेश के बाद ही छोड़ा जाता है। हालांकि, ऐसे वाहनों का दोबारा अपराध के लिए इस्तेमाल किए जाने के 17 मामले सामने आए हैं। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर गो-तस्करी के मामलों में बार-बार पकड़े जाने वाले वाहनों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने का प्रस्ताव राज्य सरकार के विचाराधीन है।
2025 में 1,195 मामले दर्ज, 9.81 लाख किलो से अधिक गोमांस जब्त
राज्यमंत्री भोयर ने बताया कि वर्ष 2025 में गोवंश कानून का उल्लंघन करने के 1,195 मामले दर्ज किए गए। इन मामलों में 9 लाख 81 हजार 736 किलो गोमांस जब्त किया गया।इसके अलावा मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर लोनावला क्षेत्र में 57 टन मांस से भरे दो कंटेनर जब्त किए गए। मामले की गहन जांच के बाद हैदराबाद स्थित संबंधित बूचड़खाने को बंद कर दिया गया। इसके साथ ही क्षेत्र के चार से पांच अन्य अवैध बूचड़खानों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।
सभी पशुधन के लिए 12 अंकों वाला बारकोडयुक्त ईयर टैग अनिवार्य
राज्यमंत्री भोयर ने बताया कि 27 फरवरी 2024 के शासन निर्णय के अनुसार राज्य के सभी पशुधन के लिए 12 अंकों वाला बारकोडयुक्त ईयर टैग लगाना और उसकी जानकारी भारत पशुधन प्रणाली में दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। इस व्यवस्था से पशुधन के प्रजनन, स्वास्थ्य और स्वामित्व से संबंधित जानकारी डिजिटल रूप में उपलब्ध होगी।
विशेष पुलिस दस्ते और सीमावर्ती जांच चौकियों पर सीसीटीवी लगाने पर विचार
गोसेवा आयोग की बैठक के बाद गोवंश की अवैध ढुलाई, अवैध वध और अनधिकृत बूचड़खानों पर रोक लगाने तथा संबंधित कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। राज्यमंत्री भोयर ने बताया कि सजा की अवधि और जुर्माना बढ़ाने, गोसेवा आयोग को अधिक अधिकार देने, विशेष पुलिस दस्ते गठित करने, जिला एवं राज्यस्तरीय समितियां बनाने, सीमावर्ती जांच चौकियों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और जनजागरूकता बढ़ाने जैसे सुझावों पर राज्य सरकार सकारात्मक रूप से विचार करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में चारागाह क्षेत्रों का विकास कर गोवंश के लिए चारे की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से कैम्पा निधि का उपयोग किया जाएगा। गोवंश संरक्षण के लिए सभी संबंधित विभागों के समन्वय से अधिक प्रभावी उपाय किए जाएंगे।



