
नागपुर। तेजी से बदलती स्वास्थ्य आवश्यकताओं और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की बढ़ती मांग के बीच नागपुर में एक विश्वस्तरीय स्वास्थ्य परियोजना की शुरुआत की गई है, जो मध्य भारत के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है। इसी कड़ी में 461 बेड की सुविधा से सुसज्जित अत्याधुनिक मल्टीस्पेशलिटी एवं सुपर स्पेशलिटी अस्पताल ‘नेशनल हेल्थ केयर इंस्टीट्यूट’ का भूमिपूजन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मोहन भागवतकी उपस्थिति में संपन्न हुआ। शुक्रवार को धरमपेठ स्थित नॉर्थ अंबाझरी मार्ग पर डॉ. अबाजी थट्टे सेवा अनुसंधान संस्था द्वारा इस महत्वाकांक्षी परियोजना को विकसित किया जा रहा है। इस अवसर पर चंद्रशेखर बावनकुले, आशीष जायसवाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। यह 23 मंजिला अत्याधुनिक अस्पताल न केवल मध्य भारत का सबसे बड़ा हेल्थकेयर सेंटर बनने जा रहा है, बल्कि इसमें हेलिपैड और एयर एम्बुलेंस जैसी उन्नत सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। अस्पताल में 461 बेड के साथ-साथ अंग प्रत्यारोपण, बर्न वार्ड, हृदय, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, जेरियाट्रिक केयर और स्पोर्ट्स मेडिसिन जैसी सुपर स्पेशलिटी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। संस्थान के सचिव शैलेश जोगळेकर के अनुसार, यहां अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ मरीजों को विश्वस्तरीय उपचार प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें विशेष रूप से ऑर्गन ट्रांसप्लांट सेवाओं पर फोकस रहेगा। करीब 5 लाख वर्गफुट क्षेत्र में बनने वाले इस प्रोजेक्ट का डिज़ाइन सिंगापुर की अंतरराष्ट्रीय आर्किटेक्चरल संस्था एस.के. द्वारा तैयार किया गया है, जिसमें मेडिकल प्लानिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसके साथ ही इस संस्थान में पोस्ट ग्रेजुएट और सुपर स्पेशलिटी मेडिकल शिक्षा के लिए भी अत्याधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह परियोजना न केवल नागपुर बल्कि पूरे मध्य भारत के मरीजों के लिए उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का एक नया केंद्र बनेगी, जिससे क्षेत्रीय स्वास्थ्य ढांचे को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है।




