
अहिल्यानगर। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में गुरुवार से शुरू हुई आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में महाराष्ट्र के जवान गायकर संदीप पांडुरंग वीरगति को प्राप्त हो गए। शुक्रवार को जम्मू के सैन्य अस्पताल में शहीद को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। व्हाइट नाइट कोर के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल शैलेन्द्र सिंह ने शहीद संदीप के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके अलावा सेना, पुलिस, बीएसएफ और अन्य नागरिक अधिकारियों ने भी शहीद को अंतिम सलामी दी।
कौन थे शहीद संदीप पांडुरंग?
शहीद संदीप महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले की अकोले तहसील के करंदी गांव के निवासी थे और 17वीं राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात थे। वे गुरुवार को किश्तवाड़ जिले के सिंहपोरा-चटरू इलाके में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन में शामिल थे। गुरुवार को आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना के बाद सुरक्षा बलों ने सिंहपोरा-चटरू इलाके में घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान आतंकियों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। जवानों ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की, जिसमें संदीप पांडुरंग गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन वे वीरगति को प्राप्त हो गए। व्हाइट नाइट कोर ने ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर जानकारी दी कि ऑपरेशन के दौरान भीषण गोलीबारी हुई, और घायल जवान को सर्वोत्तम चिकित्सा देने के बावजूद नहीं बचाया जा सका। शुक्रवार को भी सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन जारी रखा। जानकारी है कि इलाके में तीन आतंकवादी छिपे हुए हैं, जिनमें खूंखार आतंकी कमांडर सैफुल्ला भी शामिल हो सकता है। दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्र में तलाशी अभियान पूरी सतर्कता से चलाया जा रहा है।




