
मुंबई। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने रविवार को मुंबई स्थित महाराष्ट्र लोकभवन में भारतीय तटरक्षक बल (इंडियन कोस्ट गार्ड) के अधिकारियों के साथ योग सत्र में भाग लिया। इस वर्ष लोकभवन में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन भारतीय तटरक्षक बल के सहयोग से किया गया। भारतीय तटरक्षक बल इस वर्ष अपनी स्थापना के स्वर्ण जयंती वर्ष में प्रवेश कर रहा है। योग सत्र में तटरक्षक बल के अधिकारी, उनके परिवारजन तथा महाराष्ट्र लोकभवन के अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने राज्य के सार्वजनिक विश्वविद्यालयों से योग के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा विश्व के लिए उत्कृष्ट योग शिक्षक एवं प्रशिक्षक तैयार करने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि आज योग को वैश्विक स्तर पर अभूतपूर्व मान्यता प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि सदियों तक योग का अभ्यास मुख्यतः घरों, आश्रमों और योग संस्थानों तक सीमित था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संयुक्त राष्ट्र में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किए जाने का प्रस्ताव रखने के बाद योग को विश्वव्यापी पहचान मिली। आज 150 से अधिक देशों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है, जो प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। राज्यपाल ने वर्ष 1977 में स्थापित भारतीय तटरक्षक बल की राष्ट्रसेवा में दी गई महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वर्ण जयंती वर्ष में प्रवेश कर रहा यह बल समर्पण, व्यावसायिक दक्षता और निःस्वार्थ सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है। राज्यपाल ने कहा, असंख्य सफल अभियानों और निरंतर सतर्कता के कारण भारतीय तटरक्षक बल भारत की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन गया है। विस्तृत समुद्री तट, व्यस्त बंदरगाहों और महत्वपूर्ण समुद्री हितों वाले महाराष्ट्र को तटरक्षक बल की सेवाओं से अत्यधिक लाभ हुआ है। समुद्र में मानव जीवन की रक्षा, मछुआरों और नाविकों की सुरक्षा, अवैध गतिविधियों की रोकथाम तथा तटीय सुरक्षा सुनिश्चित करने में तटरक्षक बल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि तटरक्षक बल के अधिकारी और जवान कठिन परिस्थितियों में भी अथक परिश्रम कर देश के समुद्री क्षेत्र को सुरक्षित, संरक्षित और समृद्ध बनाए रखने में योगदान दे रहे हैं। राज्यपाल ने यह भी उल्लेख किया कि वे राज्य के 29 विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति हैं। उन्होंने विश्वविद्यालयों से आग्रह किया कि वे श्रेष्ठ योग शिक्षक और प्रशिक्षक तैयार करें तथा भारत की इस अमूल्य परंपरा के वैश्विक प्रसार में अग्रणी भूमिका निभाएँ। इस अवसर पर भारतीय तटरक्षक बल के पश्चिमी समुद्री क्षेत्र के अतिरिक्त महानिदेशक एम.वी.पाठक, पीटीएम, टीएम तथा महानिरीक्षक भीष्म शर्मा, पीटीएम, टीएम ने राज्यपाल का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया। कैवल्यधाम के योग प्रशिक्षक दिलीप दौनेरिया ने योग एवं प्राणायाम सत्र का संचालन किया।



