
इंद्र यादव
मुंबई। मुंबई पुलिस ने देह व्यापार के काले कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंधेरी ईस्ट के एक होटल में चल रहे अंतरराष्ट्रीय सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने छापेमारी कर युगांडा की दो महिलाओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया, जिन्हें कथित तौर पर बंधक बनाकर जबरन जिस्मफरोशी के धंधे में धकेला गया था। इस मामले में होटल के चार कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य आरोपी होटल मालिक अक्षय दिलीप शेडगे और एक केन्याई महिला हैंडलर जैस्मीन फरार बताए जा रहे हैं।
होटल में कैद थीं विदेशी महिलाएं
अंधेरी ईस्ट स्थित एयरपोर्ट मेट्रो स्टेशन के पास के एक होटल में यह अवैध गतिविधि संचालित हो रही थी। पुलिस को खुफिया सूचना मिली थी कि यहां विदेशी महिलाओं को अवैध रूप से ठहराकर उनसे देह व्यापार कराया जा रहा है। छापेमारी के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। विदेशी मेहमानों का विवरण दर्ज करने की अनिवार्य कानूनी प्रक्रिया ‘सी-फॉर्म’ का पालन नहीं किया गया था। रेस्क्यू की गई महिलाओं की आवाजाही पर कथित रूप से प्रतिबंध था और उन्हें डराकर-धमकाकर इस धंधे में रखा गया था।
बैक-टू-बैक कार्रवाई से हड़कंप
अंधेरी की इस कार्रवाई से एक दिन पहले मीरा-भायंदर-वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय (एमबीवीवी) क्षेत्र में भी बड़ी कार्रवाई की गई थी। नाइगांव स्थित ‘सेल्फी ढाबा लॉजिंग एंड बोर्डिंग’ पर छापेमारी कर 10 महिलाओं को रेस्क्यू किया गया, जिनमें एक 14 वर्षीय नाबालिग भी शामिल थी। इस मामले में सात दलालों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
गंभीर धाराओं में केस दर्ज
पकड़े गए आरोपियों पर अनैतिक तस्करी निवारण अधिनियम (पीटा) के तहत मामला दर्ज किया गया है। नाबालिग से जुड़े मामले में पॉक्सो अधिनियम के प्रावधान भी लगाए गए हैं। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। यह घटनाक्रम कई सवाल खड़े करता है कि शहर के बीचों-बीच और हाईवे से सटे होटलों में इस तरह का अवैध धंधा आखिर कैसे संचालित हो रहा था। क्या होटल प्रबंधन की मिलीभगत के बिना यह संभव है? पुलिस अब इस सिंडिकेट की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है।




