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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आदिवासी क्षेत्रों के रिक्त पद छह महीने में भरने के दिए निर्देश

सभी विभागों से दो सप्ताह में मांगी गई अधिसंख्य कर्मचारियों और मूल रिक्त पदों की जानकारी

मुंबई। महाराष्ट्र के आदिवासी क्षेत्रों में सरकारी विभागों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संबंधित विभागों को छह महीने के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही विभिन्न सरकारी विभागों में अधिसंख्य पदों पर कार्यरत कर्मचारियों और उनसे संबंधित मूल रिक्त पदों की विस्तृत जानकारी दो सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने को कहा गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंत्रालय में अनुसूचित जनजाति के अधिसंख्य पदों तथा पेसा क्षेत्रों में रिक्त पदों को भरने के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की स्थिति और भर्ती प्रक्रिया को लेकर विस्तार से समीक्षा की गई।मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार संबंधित कर्मचारियों को उनके मूल पदों से कार्यमुक्त किया गया था। हालांकि, इनमें से कई कर्मचारियों ने लंबे समय तक सेवा दी थी, इसलिए मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उन्हें अधिसंख्य पदों पर समायोजित किया गया। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक विभाग में वर्तमान में अधिसंख्य पदों पर कितने कर्मचारी कार्यरत हैं, उनमें से कितने सेवानिवृत्त हो चुके हैं और इसके परिणामस्वरूप कितने मूल पद रिक्त हुए हैं, इसकी सटीक जानकारी तत्काल संकलित की जाए। यह पूरी जानकारी मुख्य सचिव कार्यालय को सौंपी जाएगी। इसके बाद संबंधित विभागों को रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आवश्यक प्रक्रिया और व्यवस्था पूरी करनी होगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इसके लिए निर्धारित समय सीमा में किसी भी परिस्थिति में बदलाव नहीं किया जाएगा। सभी विभागों को तय समय में जानकारी उपलब्ध कराने के साथ भर्ती की तैयारियां पूरी करनी होंगी।बैठक में अनुसूचित जनजाति वर्ग के तहत की गई नियुक्तियों की सत्यापन प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। वर्ष 2015 में हुई समीक्षा में सामने आया था कि कुछ कर्मचारियों ने जाति वैधता प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किया था। इसके बाद वर्ष 2019 में हुई जांच में जाति वैधता प्रमाणपत्र नहीं रखने वाले करीब 6,860 कर्मचारियों का मामला सामने आया था। इनमें से 1,346 पद भरे जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को पूरी प्रक्रिया में स्पष्टता रखते हुए आदिवासी क्षेत्रों में खाली पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरने के लिए कालबद्ध योजना पर काम करने के निर्देश दिए।बैठक में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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