
मुंबई। नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कस्टम्स विभाग की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (एआईयू) ने छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 28 वर्षीय हर्षा सनी को गिरफ्तार किया है। हर्षा सनी, जिन्हें ‘मिस केरल’ के नाम से भी जाना जाता है, बैंकॉक से भारत लौटते समय कथित रूप से 11.824 किलोग्राम हाई-ग्रेड हाइड्रोपोनिक मारिजुआना (गांजा) की तस्करी करते हुए पकड़ी गईं। जब्त किए गए मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 11.82 करोड़ रुपये बताई जा रही है।कस्टम्स अधिकारियों के अनुसार, एडवांस्ड पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम (APIS) के जरिए प्राप्त प्रोफाइलिंग इनपुट के आधार पर हर्षा सनी को 11 जून की सुबह मुंबई एयरपोर्ट पर पूछताछ के लिए रोका गया। प्रारंभिक व्यक्तिगत तलाशी में कुछ संदिग्ध नहीं मिला, लेकिन उनके चेक-इन ट्रॉली बैग की गहन जांच के दौरान 12 वैक्यूम-सील पैकेट बरामद हुए। इन पैकेटों में हरे रंग का पदार्थ भरा हुआ था, जिसकी एनडीपीएस परीक्षण किट से जांच करने पर हाइड्रोपोनिक गांजा होने की पुष्टि हुई। अधिकारियों ने बताया कि जब्त किए गए प्रतिबंधित पदार्थ का कुल वजन 11,824 ग्राम पाया गया। इसके बाद कस्टम्स विभाग ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर हर्षा सनी को गिरफ्तार कर लिया। बाद में उन्हें अदालत में पेश किया गया। जांच एजेंसियां अब इस मामले के अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े संभावित संबंधों की जांच कर रही हैं। अधिकारियों को आशंका है कि यह मामला किसी संगठित अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से जुड़ा हो सकता है। हर्षा सनी की हालिया बैंकॉक यात्राओं, उनके संपर्कों और संभावित सहयोगियों की भी पड़ताल की जा रही है। वहीं, बचाव पक्ष ने दावा किया है कि हर्षा सनी एक संगठित तस्करी गिरोह की शिकार हुई हैं। उनके वकील प्रभाकर त्रिपाठी के अनुसार, हर्षा सनी पर्यटन, नेल आर्ट और मॉडलिंग से जुड़े पेशेवर अवसरों की तलाश में बैंकॉक गई थीं। वहां उनकी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई, जिसने उनका विश्वास जीतकर भारत लौटते समय एक बैग साथ ले जाने के लिए कहा। बचाव पक्ष का कहना है कि उनकी मुवक्किल को बैग में मौजूद किसी भी गैर-कानूनी या मादक पदार्थ की जानकारी नहीं थी। फिलहाल कस्टम्स विभाग और अन्य जांच एजेंसियां मामले की विस्तृत जांच में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और आरोपी की भूमिका के बारे में स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।



