
मुंबई। महाराष्ट्र के पशुपालन विभाग में समुपदेशन के माध्यम से तबादलों की ऐतिहासिक प्रक्रिया की शुरुआत मंत्री पंकजा मुंडे की उपस्थिति में पुणे में की गई। इस मौके पर उन्होंने कहा, “एक बार फिर इतिहास रचते हुए इस ऐतिहासिक क्षण की मैं साक्षी बन रही हूं। यह मेरे लिए अत्यंत आनंद का विषय है। अधिकारियों का मनोबल बढ़े और भ्रष्टाचारमुक्त नीति लागू की जा सके, इसलिए यह निर्णय लिया गया है और आगे भी जारी रहेगा।”
इस कार्यक्रम में पशुपालन विभाग के सचिव डॉ. एन. रामास्वामी, आयुक्त प्रवीण कुमार देवरे और अतिरिक्त आयुक्त डॉ. शीतल मुकणे मौजूद थे। मंत्री पंकजा मुंडे ने अपने संवाद में स्पष्ट किया कि उन्होंने हमेशा सीमाओं के बाहर जाकर निर्णय लिए हैं, और इस बार भी ग्रामीण स्तर पर कार्यरत अधिकारियों को सम्मान और सुविधा देने के लिए यह परिवर्तन लागू किया गया है।
समुपदेशन से 562 अधिकारियों को मिली मनचाही पोस्टिंग
इस नई प्रक्रिया के अंतर्गत आज 118 अधिकारियों, जो आदिवासी और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वर्षों से कार्यरत थे, और 444 गैर-कठिन क्षेत्र के अधिकारियों के तबादले उनकी पसंद के अनुसार किए गए। इससे विभाग में सकारात्मकता और संतोष का माहौल बना है।
‘महापशुधन वार्ता’ ई-पत्रिका का विमोचन
इस अवसर पर पशुपालन विभाग द्वारा शुरू की गई डिजिटल मासिक ई-पत्रिका ‘महापशुधन वार्ता’ का पहला अंक जारी किया गया। इसका उद्देश्य योजनाओं, नीतियों और पशुपालकों के लिए उपयोगी जानकारी को डिजिटल माध्यम से सुलभ बनाना है। ई-पत्रिका का क्यूआर कोड भी जारी किया गया ताकि हर पशुपालक इसे एक क्लिक पर पढ़ सके। मंत्री मुंडे ने कहा, “मेरे लिए गांव स्तर पर मेहनत करने वाले लोगों के चेहरे पर खुशी लाना सबसे महत्वपूर्ण है। जब मैं ग्रामविकास मंत्री थी, तब शिक्षकों के ऑनलाइन तबादलों की शुरुआत की थी, और अब पशुपालन विभाग में भी उसी नीति को लागू किया है।” उन्होंने कहा कि यह निर्णय पारदर्शिता, ईमानदारी और मानवता की भावना से प्रेरित है।



