
मुंबई सहित तटीय जिलों में तेज हवाओं और हाई टाइड की चेतावनी, अगले 48 घंटे ‘शून्य जनहानि’ लक्ष्य के साथ राहत-बचाव की तैयारी तेज
मुंबई। महाराष्ट्र में भारी बारिश और खराब मौसम की चेतावनी के बीच सोमवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी संबंधित विभागों को 24×7 अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार मुंबई सहित राज्य के तटीय जिलों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने तथा दोपहर 3:00 बजे से 4:30 बजे के बीच समुद्र में उच्च ज्वार (हाई टाइड) आने की संभावना है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही नागरिकों से अत्यावश्यक कार्य के अलावा घर से बाहर न निकलने की अपील की है। राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने वर्षा की स्थिति का जायजा लिया। बैठक में आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन सहित राज्य के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई और तटीय क्षेत्रों में भारी वर्षा एवं तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) को पूरी तरह अलर्ट रखा गया है। यदि बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होती है तो राहत एवं बचाव दलों को तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में भेजा जाएगा और नागरिकों को तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर बारिश से उत्पन्न बाधाओं को तत्काल हटाने के निर्देश दिए। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के साथ समन्वय स्थापित कर मलबा हटाने तथा यातायात सुचारु रखने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही संभावित भूस्खलन वाले क्षेत्रों में पहले से ही बचाव दलों की तैनाती करने को कहा गया। मुंबई-गोवा राजमार्ग पर भी अप्रत्याशित स्थानों पर हुए भूस्खलनों को देखते हुए संबंधित विभागों को सतर्क रहने और किसी भी स्थिति में यातायात बाधित न होने देने के निर्देश दिए गए।
नासिक और त्र्यंबकेश्वर में विशेष सतर्कता
मुख्यमंत्री ने कहा कि अरब सागर में बने गहरे निम्न दबाव क्षेत्र के कारण नासिक और त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में अत्यधिक वर्षा होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर लगभग 300 मिमी तक बारिश का अनुमान है। ऐसे में जिला प्रशासन को निचले इलाकों में जलभराव रोकने, जनहानि से बचाव और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में मौजूद पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और अगले कुछ दिनों तक वहां की यात्रा टालने की भी अपील की। जिन मार्गों पर भूस्खलन या सड़क बंद होने की आशंका है, वहां विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री ने सभी एजेंसियों को निर्देश दिया कि अगले 48 घंटे तक ‘शून्य जनहानि’ के लक्ष्य के साथ अधिकतम सतर्कता बरती जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में फंसे हुए नागरिकों को तत्काल सुरक्षित निकालना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
मुंबई में चार दिन में एक महीने जितनी बारिश
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुंबई शहर में मात्र चार दिनों के भीतर पूरे एक महीने के बराबर औसत वर्षा दर्ज की गई है। उच्च ज्वार के दौरान यह स्थिति गंभीर रूप ले सकती थी, लेकिन संबंधित एजेंसियों के प्रयासों से जलभराव को काफी हद तक नियंत्रित रखा गया। उन्होंने बताया कि शनिवार को मुंबई में लगभग 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं, जिसके कारण करीब 300 पेड़ गिर गए। सामान्यतः पूरे मानसून में जितने पेड़ गिरते हैं, उनमें से बड़ी संख्या केवल एक दिन में गिरने की घटना चिंताजनक है।
8 जुलाई तक मौसम रहेगा खराब
मुख्यमंत्री ने बताया कि 8 जुलाई की रात तक मौसम की तीव्रता बनी रहने की संभावना है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर हुए बड़े भूस्खलन के बाद संबंधित विभागों को युद्धस्तर पर मलबा हटाकर यातायात बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने निजी संस्थानों से कर्मचारियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ की सुविधा देने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए संस्थानों को कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। ऐसा न करने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है। बैठक में मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों से वर्षा की स्थिति की समीक्षा की। मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, अपर मुख्य सचिव (गृह) मनीषा म्हैसकर, पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते, बृहन्मुंबई महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
वर्षा का ताजा आंकड़ा
6 जुलाई को सुबह 11 बजे तक मुंबई उपनगर में 151.2 मिमी, मुंबई शहर में 105 मिमी, रायगढ़ में 236.6 मिमी, ठाणे में 158.7 मिमी तथा रत्नागिरी में 152.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई।



