
मुंबई। महाराष्ट्र के जल आपूर्ति और स्वच्छता मंत्री गुलाबराव पाटील ने राज्य में चल रही जल आपूर्ति योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत जानने के लिए अधिकारियों को स्थल पर दौरे करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नागरिकों को स्वच्छ और निर्बाध जल आपूर्ति उपलब्ध कराना संबंधित अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ये निर्देश उन्होंने दिल्ली में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री की बैठक के संदर्भ में मंत्रालय में आयोजित एक पुनरावलोकन बैठक के दौरान दिए। इस बैठक में जल आपूर्ति व स्वच्छता विभाग के प्रधान सचिव संजय खंदारे, जल जीवन मिशन के अभियान संचालक ई. रविंद्रन, विभाग के मुख्य अभियंता, विशेष कार्य अधिकारी प्रशांत भामरे समेत कई वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। मंत्री पाटील ने स्पष्ट किया कि क्षेत्रीय दौरे करने से अधिकारियों को स्थानीय समस्याएं, योजनाओं की खामियां और आवश्यक सुधारों की प्रत्यक्ष जानकारी मिलेगी, जिससे योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संवाद कर समस्याएं समझना और समाधान निकालना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि छत्रपती संभाजीनगर विभाग में केंद्र सरकार की टीम महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण की छह योजनाओं का निरीक्षण करेगी, जिसके लिए सभी संबंधित विभागों को पूर्व तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान मुक्ताईनगर तालुका के पिंपरी अकाराऊत गांव में जल जीवन मिशन के अंतर्गत शुरू की गई नल जल योजना की भी समीक्षा की गई। साथ ही उन्होंने यह जानकारी दी कि जळगांव जिले की 198 नल जल योजनाओं को महावितरण से विद्युत कनेक्शन की अनुमति प्राप्त हो गई है। मंत्री पाटील ने यह भी आदेश दिया कि शेष योजनाओं की प्रगति में तेजी लाते हुए “गति शक्ति पोर्टल” पर संबंधित जानकारी तत्काल अपडेट की जाए, ताकि राज्य की जल आपूर्ति योजनाएं समय पर पूर्ण होकर लोगों को लाभ दे सकें।




