Tuesday, May 12, 2026
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पंढरपुर और सातारा में पूर्व सैनिकों के लिए एकात्मिक कल्याण केंद्र बनाने को राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने दी मंजूरी

मुंबई। पंढरपुर में बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं और वारी-दर्शन के लिए पहुंचने वाले पूर्व सैनिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वहां एकात्मिक कल्याण केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव को राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने मंजूरी दी है। इसी तरह सातारा में भी पूर्व सैनिकों के लिए एकात्मिक कल्याण केंद्र स्थापित करने हेतु व्यवहार्यता जांच कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं। यह निर्णय मंगलवार को लोकभवन में आयोजित “पूर्व सैनिक पुनर्वसन एवं पुनर्स्थापन विशेष निधि (महाराष्ट्र) समिति” की 50वीं वार्षिक बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने की। इस दौरान पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई। बैठक में पर्यटन, खनिकर्म एवं पूर्व सैनिक कल्याण मंत्री शंभूराज देसाई, सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव संतोष कुमार, महाराष्ट्र-गोवा-गुजरात क्षेत्र के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल डी. एस. कुशवाहा, रियर एडमिरल शांतनु झा, एयर वाइस मार्शल प्रशांत वडोदकर, राज्यपाल के सचिव डॉ. प्रशांत नारनवरे तथा सैनिक कल्याण विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। समिति का उद्देश्य पूर्व सैनिकों के पुनर्वसन के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना, पुनर्स्थापन योजनाओं को संस्थागत समर्थन देना तथा पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की सामाजिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करना है। साथ ही निधियों के पारदर्शी और उचित उपयोग की निगरानी भी समिति द्वारा की जाती है। बैठक में सैनिक बच्चों के छात्रावास, पूर्व सैनिक विश्रामगृह, महासैनिक हॉल एवं लॉन्स तथा पुणे स्थित सैनिक कल्याण संचालनालय के अशासकीय कर्मचारियों के वेतनवृद्धि प्रस्तावों को कार्योत्तर मंजूरी दी गई। न्यूनतम वेतन अधिनियम के तहत किए गए वेतन पुनर्निर्धारण को भी स्वीकृति प्रदान की गई। रत्नागिरी जिले के खेड़ और धुले स्थित मिलिटरी बॉयज हॉस्टल को पूर्व सैनिक विश्रामगृह में परिवर्तित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली। इसके अलावा राज्य के विभिन्न जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों के अंतर्गत आने वाले छात्रावासों, विश्रामगृहों और महासैनिक हॉल परिसरों में सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने को भी स्वीकृति दी गई। इससे ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने समिति के माध्यम से संचालित विभिन्न व्यावसायिक उपक्रमों की समीक्षा करने के निर्देश देते हुए कहा कि इन योजनाओं में पूर्व सैनिकों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए। बैठक में मंत्री शंभूराज देसाई ने बताया कि सातारा में पूर्व सैनिक कल्याण केंद्र स्थापित करने के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध है। इस पर राज्यपाल ने सहमति जताते हुए पंढरपुर और सातारा दोनों स्थानों पर केंद्र स्थापित करने के लिए आर्थिक एवं अन्य आवश्यक पहलुओं की जांच कर विस्तृत प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

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