
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार राज्य में आवास क्षेत्र से जुड़े लंबित मुद्दों, पुनर्विकास परियोजनाओं, गिरणी (मिल) कामगारों के आवास और स्लम पुनर्विकास प्राधिकरण (SRA) की योजनाओं में तेजी लाने के लिए प्रतिबद्ध है। इन सभी विषयों पर विभिन्न स्तरों पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। मंगलवार को यह जानकारी राज्य के आवास मंत्री शंभूराज देसाई ने विधानसभा में नियम 293 के तहत हुई चर्चा का जवाब देते हुए दी। मंत्री देसाई ने बताया कि दिंडोशी स्थित शिवशाही पुनर्वसन परियोजना की इमारतों की मरम्मत और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए म्हाडा (महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी) को तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए जाएंगे। वहीं, गिरणी कामगारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के आवास, झोपड़पट्टी पुनर्वास परियोजनाओं और पुनर्विकास योजनाओं की प्रभावी निगरानी के लिए नियंत्रण समितियों की नियमित बैठकें आयोजित की जा रही हैं। आवास मंत्री ने बताया कि नागपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 40 हजार मकानों का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। वहीं, मुंबई में कामकाजी महिलाओं के लिए लगभग 150 क्षमता वाले छात्रावास के निर्माण की निविदा प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा अमरावती में किफायती किराये पर उपलब्ध कराए जाने वाले 8 हजार आवासों की परियोजना को भी मंजूरी मिल चुकी है। देसाई ने कहा कि मुंबई की पुरानी और जर्जर उपकर प्राप्त (सेस) इमारतों के पुनर्विकास का काम म्हाडा के माध्यम से किया जा रहा है और पात्र निवासियों को पुनर्विकसित भवनों में नए फ्लैट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुंबई और उपनगरों में SRA तथा क्लस्टर पुनर्विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से मंजूरी प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है, जिससे परियोजनाओं में होने वाली देरी कम होगी। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य मुंबई और उपनगरों के नागरिकों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और किफायती आवास उपलब्ध कराना है। उन्होंने आश्वासन दिया कि विधानसभा में सदस्यों द्वारा दिए गए सभी सुझावों पर सकारात्मक विचार करते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।



