Wednesday, May 6, 2026
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डिजिटल पायाभूत सुविधाओं से शासन सेवाएं हुईं अधिक तेज और पारदर्शी: विकास चंद्र रस्तोगी

मुंबई। देश में विकसित हो रही डिजिटल पायाभूत सुविधाओं के कारण शासन की सेवाएं अधिक तेज, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बन रही हैं। आधार, यूपीआई और एपीआई आधारित प्रणालियों पर खड़ा यह डिजिटल ढांचा देश के परिवर्तन का मजबूत आधार बन चुका है। यह बात वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव विकास चंद्र रस्तोगी ने कही।सोमवार को मंत्रालय में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आयोजित ‘टेकवारी 2.0 महा-टेक लर्निंग वीक’ के अंतर्गत ‘इंडिया स्टैक और महा-सारथी’ विषय पर आयोजित सत्र में उन्होंने डिजिटल गवर्नेंस, डेटा उपयोग और कौशल विकास के अवसरों पर विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर आईटी सचिव विरेंद्र सिंह भी उपस्थित थे। रस्तोगी ने बताया कि देश में लगभग 1.3 अरब आधार आईडी जारी किए जा चुके हैं और वर्ष 2024 में यूपीआई के माध्यम से 183 ट्रिलियन रुपये के लेन-देन दर्ज किए गए, जो कई देशों की अर्थव्यवस्था से भी अधिक है। उन्होंने कहा कि एपीआई आधारित ‘एपीआई सेतु’ के जरिए 8000 से अधिक सेवाएं उपलब्ध हैं, जिससे सरकारी और निजी संस्थानों के बीच डेटा का सुरक्षित आदान-प्रदान संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि ‘इंडिया स्टैक’ एक महत्वपूर्ण डिजिटल ढांचा है, जो आधार, यूपीआई और डिजीलॉकर जैसी सेवाओं को एक साथ जोड़कर नागरिकों को तेज, सुरक्षित और पेपरलेस सेवाएं उपलब्ध कराता है। इससे न केवल सरकारी सेवाएं आसान हुई हैं, बल्कि आर्थिक समावेशन को भी बढ़ावा मिला है। रस्तोगी ने बताया कि अब भारत ‘इंडिया 1.0’ से ‘इंडिया 2.0’ की ओर बढ़ रहा है, जहां अलग-अलग विभागों की स्वतंत्र प्रणालियों के बजाय एकीकृत और डेटा-साझा करने वाली प्रणाली विकसित हो रही है। इससे नागरिकों को एकसमान और सरल अनुभव मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि क्षेत्र में ‘महाराष्ट्र एग्रीकल्चर डेटा एक्सचेंज’ जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों को जमीन, मौसम, बाजारभाव और सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर मिल रही है। इससे किसानों को बैंक ऋण प्राप्त करने में भी सुविधा हो रही है। रस्तोगी ने भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के माध्यम से शिकायतों का पूर्वानुमान, आपदा की पूर्व चेतावनी और नीति निर्माण को अधिक सटीक बनाया जा सकेगा। इससे शासन व्यवस्था और अधिक प्रभावी और उत्तरदायी बनेगी। इस अवसर पर आईटी सचिव विरेंद्र सिंह ने ‘महासारथी’ पोर्टल की जानकारी देते हुए कहा कि यह प्लेटफॉर्म नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी एक ही जगह उपलब्ध कराता है। इसके माध्यम से ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेज़ जमा करना और योजनाओं की जानकारी लेना आसान हो गया है। उन्होंने बताया कि ‘महासारथी’ पोर्टल पर ओटीपी या आधार के माध्यम से सुरक्षित लॉगिन किया जा सकता है, जिससे नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रहती है। यह प्लेटफॉर्म ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रहा है। कुल मिलाकर, डिजिटल तकनीक, डेटा साझाकरण और एआई के उपयोग से शासन प्रणाली अधिक स्मार्ट, गतिशील और नागरिकों के हित में कार्य करने वाली बनती जा रही है।

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