Sunday, March 15, 2026
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सरकारी कामकाज में फ्रंटियर तकनीक का प्रभावी उपयोग भविष्य की अनिवार्यता: ‘टेक वारी’ सत्र में विशेषज्ञों की राय

मुंबई। “सरकारी कार्यप्रणाली में अत्याधुनिक फ्रंटियर तकनीकों का उपयोग अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि भविष्य की आवश्यकता बन चुका है,” यह विचार विशेषज्ञों ने ‘टेक वारी – महा टेक प्रशिक्षण सप्ताह’ के चौथे दिन आयोजित सत्र ‘सरकारी कामकाज में फ्रंटियर तकनीक का प्रभावी उपयोग’ में व्यक्त किए। इस सत्र में नागपुर विभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी, नासिक विभागीय आयुक्त प्रवीण गेडाम, और पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका आयुक्त शेखर सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित थे।
‘स्मार्ट सिटी’ में तकनीक का समुचित उपयोग
पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका आयुक्त शेखर सिंह ने बताया कि प्रशासनिक कार्यों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, जीआईएस और ब्लॉकचेन जैसी तकनीकों का कुशलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने ई-गवर्नेंस अंतर्गत ई-ऑफिस, ईपीआर ड्रोन सर्वेक्षण, संपत्ति कर निर्धारण, डेटा केंद्रीकरण तथा क्षेत्रीय गतिविधियों की निगरानी जैसे प्रयासों की जानकारी साझा की।
आपदा प्रबंधन में ‘ई-पंचनामा’ प्रणाली की भूमिका
विभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी ने ‘ई-पंचनामा प्रणाली’ को प्राकृतिक आपदा के समय नुकसान के आकलन और सहायता वितरण में क्रांतिकारी बताया। इस प्रणाली ने प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण, भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण और मोबाइल ऐप्स द्वारा निर्णय लेने की प्रक्रिया को पारदर्शी और कुशल बनाया है।
रणनीतिक कार्यों में तकनीक का प्रभावी उपयोग
नासिक विभागीय आयुक्त प्रवीण गेडाम ने सिंहस्थ कुंभ, तुलजापुर मंदिर, रेत उत्खनन नियंत्रण और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण जैसी परियोजनाओं में तकनीक की प्रभावी भूमिका की व्याख्या की। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, यूपीआई और एग्री स्टैक जैसी पहलें डिजिटल परिवर्तन की दिशा में अहम कदम हैं। साथ ही, उन्होंने इस बात पर बल दिया कि किसी भी तकनीक के क्रियान्वयन से पहले उसकी टिकाऊ क्षमता, मापनीयता और प्रतिकृति योग्य स्वरूप का परीक्षण जरूरी है।
तकनीक से दक्षता, पारदर्शिता और सेवा वितरण में सुधार
सत्र में विशेषज्ञों ने यह स्पष्ट किया कि तकनीक सरकारी कामकाज में दक्षता, पारदर्शिता और तेज सेवा वितरण सुनिश्चित करने का प्रभावी माध्यम बन गई है। डिजिटल नीतियों के माध्यम से भविष्य की शासन व्यवस्था अधिक जनोन्मुखी, डेटा-संचालित और कुशल बनेगी। इस अवसर पर महाराष्ट्र सदन की आयुक्त आर. विमला ने अतिथियों का स्वागत किया।

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