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पुणे जहरीली शराब कांड के बाद एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे का सख्त निर्देश, 988 मिथेनॉल लाइसेंसधारकों की 7 दिनों में होगी जांच

एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे

मुंबई। पुणे में जहरीली शराब के सेवन से हुई मौतों के मामले के बाद महाराष्ट्र का खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) पूरी तरह सतर्क हो गया है। एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने राज्य के सभी 988 मिथेनॉल लाइसेंसधारक प्रतिष्ठानों की जांच अगले सात दिनों के भीतर फास्ट ट्रैक मोड में पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि कानून और लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब तक 3 जून 2026 तक 226 प्रतिष्ठानों की जांच पूरी की जा चुकी है और जिन मामलों में अनियमितताएं मिली हैं, उनमें आपराधिक मामले दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा।
मिथेनॉल के दुरुपयोग पर कड़ी निगरानी, पूरे राज्य में विशेष जांच अभियान
एफडीए के अनुसार मिथेनॉल (मेथाइल अल्कोहल) महाराष्ट्र विषारी द्रव्य नियम, 1972 के तहत सूचीबद्ध एक विषैला पदार्थ है। वर्ष 2011 में इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए इसके विक्रय से पहले उसमें रंग (Colorant) और कड़वाहट पैदा करने वाले पदार्थ (Bitterant) मिलाना अनिवार्य किया गया था। हालांकि औषधि निर्माण के लिए उपयोग होने वाले मिथेनॉल को इससे छूट दी गई थी। इस नियम को लेकर न्यायालयों में कानूनी प्रक्रिया चल रही है और मामला वर्तमान में सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है। इस पृष्ठभूमि में एफडीए ने राज्यभर में मिथेनॉल की बिक्री, भंडारण, वितरण और उपयोग की व्यापक जांच शुरू कर दी है। औषधि निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में लाइसेंसधारकों के स्टॉक, रिकॉर्ड और वितरण प्रणाली की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर संबंधितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रेक्स इंटरनेशनल का लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू, 3.60 लाख रुपये का मिथेनॉल जब्त
पुणे जहरीली शराब प्रकरण में मिथेनॉल की आपूर्ति से जुड़ी भिवंडी स्थित कंपनी Rex International के खिलाफ एफडीए ने बड़ी कार्रवाई की है। कंपनी के परिसर से 5,229 किलोग्राम संदिग्ध मिथेनॉल का करीब 3 लाख 60 हजार रुपये मूल्य का स्टॉक जब्त कर नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। साथ ही संबंधित गोदाम को सील कर दिया गया है। प्रशासन ने कंपनी का लाइसेंस रद्द करने के लिए नोटिस जारी कर दिया है। कंपनी के संचालकों अरुण कुमार चौबे और अभिषेक चौबे के खिलाफ भिवंडी के नारपोली पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। एफडीए ने स्पष्ट किया है कि अवैध औषधि निर्माण, जहरीले रसायनों के दुरुपयोग और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में भविष्य में और अधिक कठोर तथा निरंतर कार्रवाई की जाएगी।

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