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एफडीए की दोहरी कार्रवाई: फर्जी डॉक्टर के यहां से अवैध दवाओं का जखीरा जब्त, पुणे में नकली Cetaphil कॉस्मेटिक का भंडाफोड़

मुंबई। नागरिकों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय दवाएं एवं सौंदर्य प्रसाधन उपलब्ध कराने के लिए महाराष्ट्र के अन्न एवं औषध प्रशासन (एफडीए) ने नागपुर और पुणे में दो बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध दवा कारोबार तथा नकली कॉस्मेटिक उत्पादों के नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इन मामलों में लाखों रुपये के उत्पाद जब्त किए गए हैं और संबंधित आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एफडीए के सह आयुक्त(औषध) ने मंगलवार को बताया कि नागपुर जिले के सावनेर तहसील स्थित कोथुलना गांव में एक कथित फर्जी डॉक्टर द्वारा संचालित उपचार केंद्र पर एफडीए की टीम ने छापा मारा। गोपनीय सूचना के आधार पर की गई जांच में पाया गया कि बिना किसी वैध लाइसेंस के बड़ी मात्रा में एलोपैथिक दवाओं का भंडारण और बिक्री की जा रही थी। जांच के दौरान केंद्र संचालक मोनिदीप सरकार से दवाओं की खरीद संबंधी दस्तावेज और बिल मांगे गए, लेकिन वह कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। जांच में सामने आया कि बिना औषधि विक्रय लाइसेंस के दवाओं की खरीद, भंडारण और बिक्री की जा रही थी। इसके बाद एफडीए ने लगभग 1.07 लाख रुपये मूल्य का दवा स्टॉक जब्त कर लिया। जब्त दवाओं में एंटीबायोटिक्स, एंटीफंगल दवाएं, इंजेक्शन और मल्टीविटामिन शामिल हैं। एफडीए के अनुसार यह मामला औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 की विभिन्न धाराओं का उल्लंघन है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं दूसरी ओर पुणे में एफडीए ने प्रसिद्ध स्किनकेयर ब्रांड Cetaphil के नाम पर बेचे जा रहे नकली कॉस्मेटिक उत्पाद का खुलासा किया। जांच में Cetaphil Gentle Skin Cleanser (118 ml) के एक बैच को संदिग्ध पाया गया। उत्पाद का परीक्षण अधिकृत कंपनियों और प्रयोगशालाओं के माध्यम से कराया गया। जांच में उत्पाद की पैकेजिंग, लेबलिंग, प्रिंटिंग, सुरक्षा विशेषताओं और आधिकारिक उत्पाद से तुलना करने पर गंभीर विसंगतियां सामने आईं। अधिकृत निर्माता कंपनियों ने भी पुष्टि की कि यह उत्पाद उनकी उत्पादन प्रक्रिया से निर्मित नहीं हुआ था। इसके बाद एफडीए ने पुणे के शिवाजीनगर स्थित एक मेडिकल स्टोर से 5,508 रुपये मूल्य का नकली कॉस्मेटिक स्टॉक जब्त कर लिया। मामले में जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस में प्राथमिकी दर्ज की गई है और भारतीय न्याय संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा कि नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले लोगों के खिलाफ प्रशासन की शून्य सहनशीलता नीति है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नकली, अवैध और भ्रामक दवाओं तथा सौंदर्य प्रसाधनों के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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