
मुंबई। रेलवे में टिकट चेकिंग अब सिर्फ असली टीसी से नहीं हो रही- यह साबित कर दिखाया एक 40 वर्षीय फर्जी टिकट चेकर ने, जो पूरी वर्दी पहनकर यात्रियों से “जुर्माना” वसूल रहा था। जी हां, ठाणे जिले के कल्याण रेलवे स्टेशन पर सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने बुधवार, 21 मई को एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जो खुद को ट्रेन टिकट चेकर (टीसी) बताकर यात्रियों से पैसे वसूल रहा था।
बिहार निवासी बना ‘बोगस टीसी’
गिरफ्तार आरोपी की पहचान रामप्रकाश रामजीवन मंडल के रूप में हुई है, जो बिहार का रहने वाला है। उसने न केवल रेलवे की वर्दी पहनी थी, बल्कि टीसी का बैच और जुर्माना रसीद बुक भी साथ में रखी थी — जिससे वह असली टीसी की तरह यात्रियों से पैसे ऐंठ रहा था।
रेलवे की निगरानी टीम ने दबोचा
रेलवे की निगरानी टीम, जिसमें मुख्य टिकट परीक्षक (सीटीआई), रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और अन्य कर्मचारी शामिल थे, सादे कपड़ों में लोकमान्य तिलक टर्मिनस से इगतपुरी तक ट्रेन में निगरानी कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने मंडल को टिकट चेक करते और यात्रियों से पैसे लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। जीआरपी अधिकारी पंधारी कांडे ने बताया कि गिरफ्तारी के वक्त आरोपी पहले ही यात्रियों से कुल 17,390 रुपये वसूल चुका था। पकड़े जाने पर उसके पास नकद राशि, फर्जी रसीद बुक और टीसी की नकल वर्दी भी बरामद की गई। इस मामले में कल्याण जीआरपी थाने में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी, और फर्जी दस्तावेज को असली बताकर इस्तेमाल करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है।सवाल बड़ा है: रेलवे की वर्दी और रसीद बुक कहां से आई? अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह व्यक्ति इतनी आसानी से टीसी की वर्दी और जुर्माना रसीद बुक तक कैसे पहुंच गया? क्या इसके पीछे कोई आंतरिक मिलीभगत है? और क्या ट्रेन में ऐसी गतिविधियां पहले भी होती रही हैं?
रेलवे और सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह मामला न सिर्फ शर्मनाक, बल्कि गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत भी है। यदि समय रहते यह पकड़ में न आता, तो फर्जी अधिकारी और कितने यात्रियों को ठगता? यह घटना दिखाती है कि अब यात्रियों को भी सतर्क रहना होगा। क्योंकि अगली बार जो वर्दी में टिकट चेक करे, वो असली टीसी हो भी सकता है… और नहीं भी।




