
मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को निर्देश दिए कि दि चिल्ड्रन्स एड सोसायटी की मुंबई स्थित सभी जमीनों से अतिक्रमण तत्काल हटाया जाए और अतिक्रमण मुक्त होने के बाद इनका संरक्षण करते हुए एकीकृत पुनर्विकास योजना लागू की जाए। उन्होंने कहा कि सोसायटी का शताब्दी समारोह पुनर्विकसित परिसर में ही मनाया जाना चाहिए। विधान भवन में आयोजित सोसायटी के नियामक मंडल की बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सोसायटी को सरकारी संस्था का दर्जा देने के लिए संशोधित प्रस्ताव तैयार कर विधि एवं न्याय विभाग के पास भेजा जाए। साथ ही संस्था के लिए नया संगठनात्मक ढांचा तैयार करते समय बाल संरक्षण, शिक्षा और पुनर्वास जैसी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पदों का सृजन किया जाए। बैठक में महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे, मुंबई की महापौर ऋतु तावड़े समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान सोसायटी के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में वेल्डिंग (जोड़ाई) प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू करने को मंजूरी भी दी गई।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि माटुंगा स्थित डेविड ससून औद्योगिक विद्यालय परिसर में कर्मचारियों के आवास वाली जगह पर महिला एवं बाल विकास विभाग के विभिन्न कार्यालयों को एक छत के नीचे लाने के लिए ‘अहिल्या भवन’ का निर्माण किया जाए। उन्होंने कहा कि बोर्ला स्थित सोसायटी की जमीन पर वर्ष 2011 से पहले के पात्र अतिक्रमणकारियों को छोड़कर बाकी सभी अतिक्रमण हटाए जाएं और उसके बाद पुनर्विकास कार्य तेजी से पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि अणुशक्तिनगर विधानसभा क्षेत्र के सरकारी कार्यालय को अतिक्रमण हटने के बाद संबंधित भूमि पर स्थानांतरित किया जाए। वहीं मानखुर्द स्थित खेल परिसर को भी अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीन पर स्थानांतरित करने को मंजूरी दी गई। उन्होंने मानखुर्द स्थित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम दिव्यांग बालगृह को सभी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने तथा बाल कल्याण नगरी के समग्र विकास का प्रस्ताव भी संशोधित पुनर्विकास योजना में शामिल करने के निर्देश दिए। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव डॉ. अनुप कुमार यादव ने प्रस्तुतीकरण दिया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव (वित्त) ओ.पी. गुप्ता, मुंबई उपनगर के जिलाधिकारी सौरभ कटियार, दि चिल्ड्रन्स एड सोसायटी के अध्यक्ष मिलिंद तलसकर और मुख्य अधिकारी प्रवीण भावसार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। गौरतलब है कि वर्ष 1927 में स्थापित दि चिल्ड्रन्स एड सोसायटी के अंतर्गत मुंबई में बच्चों के संरक्षण और पुनर्वास से जुड़ी सात संस्थाएं संचालित हैं। इनमें डेविड ससून औद्योगिक विद्यालय, उमरखाड़ी निरीक्षण गृह, चेंबूर चिल्ड्रन्स होम, मानखुर्द बालगृह, अतिरिक्त बालगृह, बाल कल्याण नगरी तथा दिव्यांग बच्चों का बालगृह शामिल हैं।



