
2026 से 2029 तक राज्यभर में चलेगा अभियान, वंचित और असंगठित क्षेत्र की महिलाओं पर विशेष जोर
मुंबई। महाराष्ट्र में ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। ग्राम विकास विभाग ने महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण जीवनोन्नति अभियान ‘उमेद’ के तहत ‘महिला बचत समूह पंजीकरण अभियान एवं 1 करोड़ लखपति दीदी संकल्प अभियान’ लागू करने के संबंध में 17 जुलाई 2026 को शासन निर्णय जारी किया है। यह अभियान 2026 से 2029 तक पूरे महाराष्ट्र में चलाया जाएगा। सोमवार को ‘उमेद’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीधर डुबे पाटील के अनुसार, अभियान का उद्देश्य केवल महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ना नहीं, बल्कि उनके लिए आय के स्थायी साधन विकसित कर आर्थिक रूप से सक्षम बनाना भी है।
बचत समूहों से वंचित महिलाओं को जोड़ने पर जोर
अभियान के तहत ऐसी ग्रामीण महिलाओं की पहचान और पंजीकरण किया जाएगा, जो अभी तक किसी स्वयं सहायता यानी बचत समूह से नहीं जुड़ी हैं। इसमें विशेष रूप से मौसमी प्रवासी महिलाएं, गन्ना कटाई मजदूर, ईंट-भट्ठों पर काम करने वाली महिलाएं और सामाजिक रूप से वंचित वर्गों की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। ग्रामसखी और समुदाय स्तर की संस्थाओं के माध्यम से इन महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने का काम किया जाएगा।
महाराष्ट्र में 1 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का संकल्प
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में 6 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य रखा है। इसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र की 1 करोड़ ग्रामीण महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का संकल्प लिया है। ग्राम विकास एवं पंचायत राज मंत्री जयकुमार गोरे के नेतृत्व और राज्यमंत्री योगेश कदम के मार्गदर्शन में ‘उमेद’ अभियान इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में काम करेगा।
जुलाई-अगस्त में व्यापक जनजागृति और प्रशिक्षण
ग्राम विकास एवं पंचायत राज विभाग के सचिव चंद्रकांत पुलकुंडवार ने बताया कि जुलाई से अगस्त 2026 के दौरान पूरे राज्य में व्यापक जनजागृति अभियान और क्षमता निर्माण कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इन कार्यशालाओं में स्थानीय सामुदायिक संस्थाओं और महिलाओं को अभियान के विभिन्न चरणों, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने और आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कौशल, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ी जाएंगी महिलाएं
अभियान का दायरा केवल नए बचत समूह बनाने या महिलाओं का पंजीकरण करने तक सीमित नहीं रहेगा। विभिन्न सरकारी योजनाओं के अभिसरण (Convergence) के माध्यम से महिलाओं को कौशल विकास, वित्तीय सेवाओं और उनके द्वारा तैयार उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जाएगा। इससे ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने के साथ उन्हें स्थायी आजीविका और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। अभियान की प्रभावी क्रियान्विति के लिए महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण जीवनोन्नति अभियान के राज्य अभियान व्यवस्थापन कक्ष, नवी मुंबई की ओर से विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। श्रीधर डुबे पाटील ने ग्रामीण क्षेत्रों की उन सभी पात्र महिलाओं से इस विशेष अभियान का लाभ उठाने की अपील की है, जो अभी तक किसी बचत समूह से नहीं जुड़ी हैं। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आत्मसम्मान, स्वावलंबन और आर्थिक स्थिरता को मजबूती मिलेगी।

