
मुंबई। मुंबई में बढ़ते नशीले पदार्थों के खतरे से युवा पीढ़ी को बचाने के उद्देश्य से ‘नशामुक्त मुंबई’ अभियान शुरू किया जा रहा है। आगामी 30 जुलाई को वर्ली डोम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों अभियान का शुभारंभ होगा। कौशल विकास मंत्री एवं मुंबई उपनगर जिले के सह-पालकमंत्री मंगलप्रभात लोढा ने कहा कि यह केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि नशे के खिलाफ लगातार चलने वाला जनजागरण और सार्वजनिक हित का अभियान होगा। अभियान की तैयारियों को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में मंगलप्रभात लोढा ने कहा कि नशीले पदार्थों के बढ़ते जाल से युवा पीढ़ी को बचाने के लिए समाज के सभी वर्गों को इस जनआंदोलन से जोड़ना जरूरी है। विशेष रूप से विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। बैठक में मुंबई उपनगर जिलाधिकारी सौरभ कटियार, मुंबई शहर जिलाधिकारी आंचल गोयल ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित रहीं। इसके अलावा बृहन्मुंबई महानगरपालिका, स्कूली शिक्षा, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग सहित विभिन्न सरकारी एजेंसियों के अधिकारी और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
लाखों मुंबईकर एक साथ लेंगे नशामुक्ति की शपथ
अभियान को व्यापक स्तर पर पहुंचाने के लिए तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा। ऑनलाइन माध्यम और व्हॉट्सऐप के जरिए लाखों नागरिकों को नशामुक्ति की सामूहिक शपथ दिलाने की योजना बनाई गई है। मंत्री लोढा और जिलाधिकारी कटियार ने संबंधित विभागों को अभियान के आयोजन और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।
स्कूल-कॉलेजों में सालभर चलेंगे नशामुक्ति कार्यक्रम
‘नशामुक्त मुंबई’ अभियान को एक दिन तक सीमित नहीं रखा जाएगा। मुंबई के प्रत्येक स्कूल और कॉलेज में विद्यार्थी सुरक्षा समितियों के माध्यम से पूरे वर्ष विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। वर्ली डोम में होने वाले मुख्य कार्यक्रम में विशेष रूप से सातवीं कक्षा से आगे के स्कूली विद्यार्थी, कॉलेज और आईटीआई के विद्यार्थी, शिक्षक तथा अभिभावक शामिल होंगे। कार्यक्रम में आने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों की उपस्थिति एवं व्यवस्थाओं का उचित नियोजन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
NGO, मनोचिकित्सक, NSS और NCC को भी अभियान से जोड़ने की तैयारी
अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए नशामुक्ति के क्षेत्र में कार्यरत स्वयंसेवी संस्थाओं, मनोचिकित्सकों, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) और राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के विद्यार्थियों को भी जोड़ा जाएगा। वर्ली डोम के मुख्य कार्यक्रम में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं हो पाने वाले विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए मुंबई के सभी स्कूलों और कॉलेजों में कार्यक्रम का सीधा प्रसारण करने की योजना है। मंगलप्रभात लोढा ने कहा कि नशामुक्त मुंबई के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अभियान में विद्यार्थियों और युवाओं के साथ शिक्षकों, अभिभावकों, सामाजिक संगठनों और संबंधित सरकारी विभागों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

