
मुंबई। महाराष्ट्र में गांव के तालाबों और अन्य जलाशयों का उपयोग मत्स्य पालन के लिए कर स्थानीय मछुआरों को आर्थिक रूप से सशक्त करने की दिशा में राज्य सरकार ने पहल तेज कर दी है। मत्स्य व्यवसाय एवं बंदरगाह मंत्री नितेश राणे ने ग्राम पंचायतों और स्थानीय मछुआरों की भागीदारी से मत्स्य बीज संचयन और मत्स्य संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए जिला नियोजन एवं विकास समिति (DPDC) के माध्यम से निधि उपलब्ध कराने का विस्तृत प्रस्ताव तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को मंत्रालय में मंत्री नितेश राणे की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राज्य के गांव तालाब, भंडारण तालाब, पाझर तालाब, शिवकालीन तालाब, मालगुजारी तालाब, बैराज, देवडोह तथा अन्य प्राकृतिक तालाबों और जलाशयों में मत्स्य संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न उपायों की समीक्षा की गई। नितेश राणे ने कहा कि ग्राम पंचायतों और स्थानीय मछुआरों की भागीदारी से गांवों में उपलब्ध जलाशयों का स्थायी और प्रभावी उपयोग किया जाना आवश्यक है। इससे स्थानीय मछुआरों को मत्स्य व्यवसाय के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे और उनकी आय बढ़ाने तथा आर्थिक सशक्तिकरण में मदद मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना के लिए DPDC के माध्यम से निधि उपलब्ध कराने के संबंध में विस्तृत प्रस्ताव जल्द तैयार किया जाए। साथ ही संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ आवश्यक कार्रवाई करें, ताकि योजना को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके।
जिला परिषद के तालाब मत्स्य व्यवसाय विभाग को हस्तांतरित करने पर चर्चा
बैठक में जिला परिषदों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले तालाबों को मत्स्य व्यवसाय विभाग को हस्तांतरित करने और उनमें मत्स्य संवर्धन के लिए आवश्यक उपाय करने पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही तालाबों से गाद निकालने, अतिक्रमण हटाने और जलाशयों की जल संग्रहण क्षमता बढ़ाने से जुड़े विभिन्न विषयों की समीक्षा की गई। इन उपायों के माध्यम से जलाशयों का बेहतर उपयोग करते हुए मत्स्य उत्पादन बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा।
पहले 25 गांवों में प्रायोगिक तौर पर लागू होगी योजना
राज्य सरकार ने प्रारंभिक चरण में 25 गांवों का चयन कर प्रायोगिक आधार पर योजना लागू करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके परिणामों के आधार पर योजना का चरणबद्ध तरीके से महाराष्ट्र के अन्य गांवों में भी विस्तार करने की योजना है।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मत्स्य व्यवसाय विभाग, ग्राम विकास विभाग तथा मृदा एवं जल संरक्षण विभाग के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) करने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी मंत्री नितेश राणे ने दिए। बैठक में मत्स्य व्यवसाय आयुक्त प्रेरणा देशभ्रतार, सहआयुक्त देवरे सहित मत्स्य व्यवसाय, ग्राम विकास तथा मृदा एवं जल संरक्षण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। नागपुर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

