
डॉ. मीना राजपूत की पुस्तक ज्ञान और जानकारी का भंडार: डॉ. सुधाकर मिश्र
मुंबई। डॉ. मीना राजपूत की सद्य प्रकाशित पुस्तक ‘ज़मीं से आसमां तक’ का शानदार लोकार्पण समारोह वरिष्ठ साहित्यकार एवं गीतकार डॉ. सुधाकर मिश्र की अध्यक्षता में मीरा रोड स्थित विरुंगला केंद्र में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। आयोजन ‘साहित्य गंगा’ और ‘स्वर संगम फाउंडेशन’ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. सुधाकर मिश्र ने डॉ. मीना राजपूत की पुस्तक को ज्ञान और जानकारी का भंडार बताते हुए कहा कि विषय-विविधता की दृष्टि से यह एक अद्भुत पुस्तक है और लेखिका ने सभी विषयों के साथ न्याय करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि निबंध लेखन के क्षेत्र में महादेवी वर्मा, शिवानी और मन्नू भंडारी जैसी महिला साहित्यकारों ने उल्लेखनीय निबंध लिखे हैं। यह गर्व की बात है कि उनकी शिष्या मीना राजपूत का नाम भी अब इस श्रेणी में शामिल हो गया है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी के पूर्व कार्याध्यक्ष डॉ. शीतला प्रसाद दुबे ने पुस्तक पर अपने विचार रखते हुए कहा कि भारत को विविधता में एकता का देश कहा जाता है और यह पुस्तक भी विषयों की दृष्टि से उसी विविधता को एक पुस्तक में समेटने का प्रयास है। इसमें पर्व, भाषा, अनुवाद और हिंदी सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई है तथा कुछ संस्मरणात्मक लेख भी शामिल हैं। विषयों के विस्तार के बावजूद पुस्तक में पाठकों को बांधे रखने की क्षमता है। साहित्यिक पत्रिका ‘चिंतन दिशा’ के संपादक एवं कई पुस्तकों के रचयिता हृदयेश मयंक ने कहा कि 616 पृष्ठों की इस पुस्तक में इतनी विविध सामग्री समाहित है कि मानो कई पुस्तकों की सामग्री एक साथ संजो दी गई हो। हाल के वर्षों में इस तरह की पुस्तक देखने को नहीं मिली। इसमें डॉ. मीना राजपूत की वर्षों की मेहनत और लेखन यात्रा समाहित है। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं संयोजन वरिष्ठ पत्रकार राकेश दुबे ने किया। कार्यक्रम की एक विशेष उपलब्धि यह भी रही कि डॉ. सुधाकर मिश्र के कॉलेज के दिनों के अनेक शिष्य डॉ. मीना राजपूत को बधाई देने पहुंचे। इनमें से कई लोग दशकों बाद एक-दूसरे से मिले। कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ. मीना राजपूत अपने लेखन की यात्रा और पूर्व गुरुओं को याद करते हुए भावुक भी हुईं। पूरे आयोजन के दौरान स्वस्थ वैचारिक और साहित्यिक वातावरण बना रहा। इस अवसर पर गुलाब यादव, वरिष्ठ पत्रकार निरंजन परिहार, के.सी. कॉलेज के हिंदी विभागाध्यक्ष अजीत राय, मंजू सिंह, अंजू बिष्ट, आकाशवाणी की उद्घोषक साक्षी त्रिपाठी, तेजधर पाठक, आर.ए. सिंह यादव, आर.डी. तिवारी, सुरेखा शर्मा और विजय राजपूत समेत बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक, पत्रकार और साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे। अंत में राकेश दुबे ने सभी अतिथियों और उपस्थित साहित्य प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

