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सीएम डैशबोर्ड और आईजीआरएस समीक्षा में सख्त दिखे डीएम, खराब प्रगति पर अधिकारियों को चेतावनी

उन्नाव, उत्तर प्रदेश। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में ऑनलाइन सीएम डैशबोर्ड, आईजीआरएस शिकायत निस्तारण, राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों, फैमिली आईडी तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की। बैठक के दौरान कई विभागों की संतोषजनक प्रगति न मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान खनन, आबकारी, उपायुक्त उद्योग कार्यालय तथा पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत सीएम डैशबोर्ड पर खराब प्रदर्शन पाए जाने पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जनपद की रैंकिंग किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि प्रगति में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। आईजीआरएस शिकायतों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों से बिंदुवार जानकारी प्राप्त की और शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण के बाद असंतुष्टि का स्तर बढ़ना चिंताजनक है। इसलिए प्रत्येक शिकायत का ऐसा समाधान किया जाए जिससे शिकायतकर्ता पूर्ण रूप से संतुष्ट हो सके। बैठक में राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों की भी तहसीलवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने धारा 34, 24, 116 एवं 38 से संबंधित लंबित मामलों का शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विशेष अभियान चलाकर पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर समाप्त किया जाए। फैमिली आईडी की प्रगति की समीक्षा के दौरान सभी खंड विकास अधिकारियों से रिपोर्ट ली गई। वहीं वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और खराब प्रदर्शन करने वाले खंड विकास अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ कार्य करते हुए शिकायतों के निस्तारण तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने होंगे। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सुशील कुमार गोंड़, एडीएम न्यायिक अमिताभ यादव, उपजिलाधिकारी रामदेव निषाद, सचिव उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण शुभम यादव सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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