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भारी बारिश के बीच जिलाधिकारी ने जारी किया अलर्ट, ‘सचेत’ ऐप डाउनलोड करने की अपील

झांसी, उत्तर प्रदेश। झांसी जनपद में लगातार हो रही भारी बारिश और वज्रपात की घटनाओं को देखते हुए जिलाधिकारी गौरांग राठी ने लोगों से सतर्क रहने और भारत सरकार द्वारा विकसित ‘सचेत’ ऐप डाउनलोड करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं को रोका नहीं जा सकता, लेकिन समय पर मिलने वाली पूर्व चेतावनी से जन-धन की हानि को काफी हद तक रोका जा सकता है। कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नदी किनारे बसे गांवों पर विशेष निगरानी रखें। उन्होंने ग्राम प्रधानों, ग्राम निगरानी समितियों, लेखपालों और ग्राम सचिवों को अलर्ट मोड पर रहने तथा नदी के बढ़ते जलस्तर पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण कर स्थिति की जानकारी मुख्यालय को उपलब्ध कराने को कहा। जिलाधिकारी ने बताया कि ‘सचेत’ ऐप भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन भारतीय ऊष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम), पुणे द्वारा विकसित किया गया है। यह मोबाइल ऐप मौसम संबंधी पूर्व चेतावनी देने के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका होने पर समय रहते लोगों को अलर्ट करता है। ऐप के माध्यम से वज्रपात से बचाव के उपायों और प्राथमिक चिकित्सा संबंधी जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है।उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि बारिश के दौरान नदी, नालों और पोखरों के किनारे जाने से बचें तथा जहां जलभराव या तेज बहाव हो, वहां बिल्कुल न जाएं। जिन गांवों का संपर्क जलभराव के कारण बाधित हो जाता है, उनकी सूचना तत्काल प्रशासन को देने के निर्देश भी दिए गए।जिलाधिकारी ने अधिकारियों को नदी किनारे बसे गांवों में गोताखोरों और नावों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके। वज्रपात से बचाव के उपाय बताते हुए उन्होंने कहा कि बिजली गिरने की आशंका होने पर खुले मैदान, पेड़ों के नीचे, पहाड़ी क्षेत्रों, चट्टानों और जलभराव वाले स्थानों से दूर रहें। धातु की वस्तुओं का उपयोग न करें, खुले में छाते का इस्तेमाल न करें और बिजली के हाईटेंशन तारों व टावरों से दूरी बनाए रखें। यदि सुरक्षित भवन तक पहुंचना संभव न हो तो खुले स्थान पर घुटनों के बल बैठकर सिर झुकाकर स्वयं को सुरक्षित रखें। उन्होंने यह भी सलाह दी कि तूफान और वज्रपात के दौरान टेलीफोन तथा बिजली से चलने वाले उपकरणों का अनावश्यक उपयोग न करें। लोगों से अपील की गई कि मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।

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