
अहिल्यानगर। अब गांवों के विकास से जुड़े निर्णय दिल्ली या मुंबई से नहीं, बल्कि सीधे ग्रामसभा के माध्यम से गांववाले स्वयं लेंगे। पुरानी रोजगार गारंटी योजना की कमियों को दूर करते हुए नई ‘विकसित भारत जी-राम जी’ योजना के अंतर्गत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को अब 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई है। यह जानकारी केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दी। वे गुरुवार को अहिल्यानगर के लोणी बुद्रुक में ‘विकसित भारत जी-राम जी’ अभियान के तहत आयोजित विशेष ग्रामसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि काम पूरा होने के 15 दिनों के भीतर मजदूरी की राशि सीधे बैंक खाते में जमा की जाएगी, और यदि भुगतान में देरी होती है तो मजदूरों को ब्याज सहित भुगतान करने का कानूनी प्रावधान इस योजना में किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फसल बोवाई और कटाई के मौसम में वर्ष के 60 दिनों तक इस योजना के अंतर्गत कार्य बंद रहेंगे, ताकि कृषि मजदूर खेती के कार्यों के लिए उपलब्ध रहें और किसानों को किसी प्रकार का नुकसान न हो। उन्होंने बताया कि जहां पहले मनरेगा के लिए 88 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान था, वहीं इस वर्ष 1 लाख 51 हजार 282 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट निर्धारित किया गया है। अगले पांच वर्षों में इस योजना पर 8 लाख करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है। यदि इस निधि का ईमानदारी से उपयोग किया गया, तो प्रत्येक ग्राम पंचायत को लगभग 3 करोड़ रुपये का विकास निधि प्राप्त हो सकती है। योजना के अंतर्गत ग्रामसभा द्वारा तय किए गए लोक-उपयोगी कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। जल संरक्षण, पक्की सड़कों का निर्माण, स्वयं सहायता समूहों के लिए बुनियादी ढांचे का विकास कर गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण पर जोर दिया जाएगा। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए 33 प्रतिशत रोजगार महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है, साथ ही महिलाएं अब ‘मेट’ (पर्यवेक्षक) के रूप में भी कार्य कर सकेंगी। इस अवसर पर पालक मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील, पूर्व मंत्री अण्णासाहेब म्हस्के, केंद्रीय ग्रामीण विकास विभाग की संयुक्त सचिव रोहिणी भाजीभाकरे, योजना के राज्य सचिव गणेश पाटील, जिलाधिकारी डॉ. पंकज आशिया, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आनंद भंडारी तथा लोणी की सरपंच कल्पना मैड सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।




