Thursday, April 16, 2026
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‘अय्याश अयान’ का काला खेल बेनकाब: हनी-ट्रैप, ब्लैकमेलिंग और बुलडोजर एक्शन से मचा हड़कंप

मुंबई/अमरावती। अमरावती जिले के अचलपुर और परतवाड़ा क्षेत्र में सक्रिय कुख्यात आरोपी अयान अहमद उर्फ ‘अय्याश अयान’ के सनसनीखेज कारनामों ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। सोशल मीडिया के जरिए मासूम लड़कियों को फंसाकर उनका शोषण और ब्लैकमेलिंग करने वाले इस गिरोह का खुलासा होने के बाद पुलिस और प्रशासन एक्शन मोड में आ गए हैं। आरोप है कि अयान अहमद इंस्टाग्राम और स्नैपचैट जैसे प्लेटफॉर्म पर खुद को रसूखदार और अमीर दिखाकर लड़कियों से दोस्ती करता था। इसके बाद उन्हें मुंबई, पुणे और गोवा घुमाने तथा मॉडलिंग और करियर बनाने का झांसा देता था। यात्रा के दौरान या होटल में वह लड़कियों को नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश कर देता और फिर उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाता था। जांच में सामने आया है कि यह मामला केवल शारीरिक शोषण तक सीमित नहीं, बल्कि एक संगठित अपराध का रूप ले चुका था। पुलिस को आरोपी के मोबाइल और क्लाउड स्टोरेज से करीब 350 आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं। इन वीडियो के जरिए पीड़िताओं को ब्लैकमेल कर उनसे पैसे वसूले जाते थे और कथित रूप से उन्हें देह व्यापार में धकेला जाता था।इस गंभीर मामले को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद ने 47 सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया है। आरोपी द्वारा डिलीट किए गए डेटा को फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से रिकवर किया जा रहा है, जबकि उसके सहयोगियों और फाइनेंसरों की भी तलाश तेज कर दी गई है। इसी बीच प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी के अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई की है। नगर परिषद ने पुलिस सुरक्षा में अवैध हिस्से को ध्वस्त कर स्पष्ट संदेश दिया है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मामले ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी हलचल मचा दी है। विभिन्न संगठनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा और मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की मांग की है। पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती पीड़िताओं को सामने लाना है। प्रशासन द्वारा हेल्पलाइन जारी करने और पीड़ितों की पहचान गोपनीय रखने के साथ सुरक्षा उपलब्ध कराने की योजना बनाई जा रही है। फिलहाल आरोपी और उसके साथियों की गिरफ्तारी के बाद जांच जारी है। पुलिस 21 अप्रैल तक की रिमांड के दौरान इस पूरे नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने में जुटी हुई है। यह मामला अभिभावकों और समाज के लिए भी एक गंभीर चेतावनी बनकर सामने आया है कि सोशल मीडिया की चमक-दमक के पीछे खतरनाक साजिशें भी छिपी हो सकती हैं।

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