
मीरा-भाईंदर। मीरा-भाईंदर महानगरपालिका की स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, विद्यार्थियों को आधुनिक एवं तकनीक आधारित शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा नगर निगम स्कूलों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से ‘महानगरपालिका स्कूल दत्तक योजना’ के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। शुक्रवार को महापौर डिंपल विनोद मेहता की अध्यक्षता तथा विधायक नरेंद्र मेहता की प्रमुख उपस्थिति में संपन्न हुई, जिसमें शहर की विभिन्न निजी शैक्षणिक संस्थाओं के ट्रस्टी, संस्थापक और प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में उपमहापौर ध्रुवकिशोर पाटील, अतिरिक्त आयुक्त प्रियंका राजपूत, उपायुक्त (शिक्षा) कविता बोरकर, सहायक आयुक्त (शिक्षा) दिपाली पवार सहित अनेक शिक्षा क्षेत्र के प्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक के दौरान महानगरपालिका स्कूलों को अधिक सक्षम, प्रतिस्पर्धी और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने के लिए विस्तृत चर्चा की गई। विशेष रूप से शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, डिजिटल शिक्षा का विस्तार, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों का उपयोग, विद्यार्थियों के कौशल विकास के लिए नवाचार आधारित कार्यक्रम, खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा, स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं का विकास तथा प्रभावी शैक्षणिक प्रबंधन जैसे विषयों पर सुझाव और प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए। महापौर डिंपल मेहता ने कहा कि महानगरपालिका स्कूलों के विद्यार्थियों को भी निजी स्कूलों के समान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को बेहतर शिक्षा मिले, इसके लिए महानगरपालिका लगातार प्रयासरत है और स्कूल दत्तक योजना के माध्यम से अनुभवी शैक्षणिक संस्थाओं एवं महानगरपालिका के बीच सहयोग को और मजबूत बनाया जाएगा।विधायक नरेंद्र मेहता ने इस पहल का स्वागत करते हुए शैक्षणिक संस्थाओं से सामाजिक दायित्व की भावना के साथ आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार, महानगरपालिका और शैक्षणिक संस्थाओं के बीच समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि स्कूल दत्तक योजना के माध्यम से महानगरपालिका स्कूलों में अत्याधुनिक डिजिटल शिक्षण साधन, आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं, व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम तथा गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए। इस पहल से निगम स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को अधिक अवसर प्राप्त होंगे और उनके शैक्षणिक एवं समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी। बैठक के अंत में विश्वास व्यक्त किया गया कि सभी संबंधित पक्षों के सहयोग से महानगरपालिका स्कूलों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और आकर्षक शिक्षण केंद्रों के रूप में विकसित करने के लिए प्रभावी और सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं और उज्ज्वल भविष्य के अधिक अवसर प्राप्त हो सकेंगे।



