
मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संत परंपरा और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण के साथ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य के तीन प्रमुख तीर्थस्थलों के विकास के लिए 115 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए सभी विकास कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ चरणबद्ध और निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जाएं। सोमवार को सह्याद्री अतिथि गृह में आयोजित तीर्थक्षेत्र विकास आराखड़ा शिखर समिति की बैठक में परभणी जिले के श्री संत जनाबाई तीर्थक्षेत्र के लिए 48.55 करोड़ रुपये, अमरावती स्थित श्री संत गाडगेबाबा समाधि स्थल के लिए 25 करोड़ रुपये तथा नागपुर जिले के काटोल स्थित श्री चक्रधर स्वामी मंदिर परिसर के विकास के लिए 41.75 करोड़ रुपये के संशोधित विकास प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि तीर्थस्थलों पर आधुनिक सुविधाएं विकसित करने के साथ-साथ इन परियोजनाओं से स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिलेगी। परभणी के श्री संत जनाबाई तीर्थक्षेत्र में सांस्कृतिक सभागार, गोदावरी घाट का विकास, दर्शन मंडप, उद्यान, सौंदर्यीकरण, पैदल मार्ग, मंदिर से घाट तक सीमेंट-कंक्रीट सड़क, गोशाला भवन, सुरक्षा दीवार, जल निकासी व्यवस्था, विद्युत सुविधा, सार्वजनिक शौचालय, सौर ऊर्जा, सीसीटीवी और पेयजल जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। अमरावती स्थित श्री संत गाडगेबाबा समाधि स्थल पर स्मृति केंद्र, सांस्कृतिक एवं मूल्य शिक्षा केंद्र, यात्री निवास का विस्तार, कीर्तन सभागार, समाधि का जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण, ध्यान केंद्र, कुंताबाई समाधि का विकास, आंतरिक सड़कें, पार्किंग, उद्यान तथा अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। वहीं नागपुर जिले के काटोल स्थित श्री चक्रधर स्वामी मंदिर परिसर में बहुउद्देश्यीय सभागार, आधुनिक सार्वजनिक शौचालय, भव्य प्रवेश द्वार, सुरक्षा दीवार, पार्किंग, उद्यान, आर्च ब्रिज, पैदल मार्ग और अन्य पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे महानुभाव पंथ के इस ऐतिहासिक तीर्थस्थल पर श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। बैठक में राज्यमंत्री आशीष जयसवाल, राज्यमंत्री मेघना साकोरे-बोर्डीकर, विधायक रत्नाकर गुट्टे, विधायक चरण सिंह ठाकुर, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

