सांताक्रुज पश्चिम के जयसुखलाल मेहता मार्ग का मामला, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने की जांच की मांग

मुंबई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के रोड विभाग द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। सांताक्रुज पश्चिम स्थित लिंक रोड से सटे जयसुखलाल मेहता मार्ग (श्रीमती कल्पना चौक) पर निर्मित सीसी रोड बरसात शुरू होते ही एक तरफ से धंस गई है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, उक्त सीसी रोड का निर्माण कुछ वर्ष पूर्व किया गया था। लेकिन इस मानसून की पहली बारिश में सड़क का हिस्सा जमीन में धंस जाने से स्थानीय नागरिकों में नाराजगी है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई सड़क यदि कुछ वर्षों में ही धंसने लगे, तो यह निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितता और लापरवाही की ओर इशारा करता है। इस संबंध में बीएमसी एच/पश्चिम विभाग के सहायक आयुक्त दिनेश पल्लेवाड़ से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन वे कार्यालय में उपलब्ध नहीं थे। वहीं संवाददाता ने परिरक्षण विभाग के सहायक अभियंता मंदार चौधरी से मुलाकात कर जानकारी लेने का प्रयास किया गया कि उक्त सड़क वार्ड कार्यालय के अधीन है या रोड विभाग (सेंट्रल एजेंसी) के अंतर्गत आती है, क्योंकि सड़क का निर्माण रोड विभाग द्वारा कराया गया था। हालांकि, मंदार चौधरी यह स्पष्ट नहीं कर सके कि सड़क की देखरेख और मरम्मत की जिम्मेदारी किस विभाग के पास है। ऐसे में संबंधित विभागों के बीच समन्वय की कमी भी उजागर होती नजर आ रही है।सामाजिक कार्यकर्ता आजाद खान ने कहा कि सीसी रोड का इस प्रकार धंस जाना बीएमसी की कार्यप्रणाली और निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पहले मुंबईकर गड्ढों वाली सड़कों से परेशान थे, जिसके समाधान के लिए तत्कालीन शिंदे सरकार ने बड़े पैमाने पर सीसी रोड निर्माण का निर्णय लिया था। लेकिन अब स्थिति यह है कि सड़कों पर गड्ढों की जगह पूरी सड़क ही धंसने लगी है। उन्होंने मांग की कि सड़क निर्माण की तकनीकी जांच कराई जाए और संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। स्थानीय नागरिकों का भी कहना है कि बीएमसी को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सड़क की तत्काल मरम्मत करनी चाहिए, ताकि किसी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके। अब देखना यह है कि बीएमसी प्रशासन इस धंसी हुई सड़क की तकनीकी जांच कर दोषियों की जवाबदेही तय करता है या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह केवल फाइलों तक ही सीमित रह जाएगा।



