
मुंबई। भायखला में मुहर्रम के जुलूस के दौरान कथित रूप से जहरीले कैप्सूल बांटने के मामले में मुंबई पुलिस ने 39 वर्षीय फयाज़ प्रेमजी के खिलाफ हत्या के प्रयास और गैर-इरादतन हत्या के प्रयास सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस का आरोप है कि आरोपी ने दर्द निवारक और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवा बताकर लोगों को अत्यधिक विषैले कैप्सूल वितरित किए। पुलिस के अनुसार, इन कैप्सूल का सेवन करने के बाद तीन और लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए। सभी पीड़ितों को पेट में तेज दर्द, जी मिचलाना और लगातार उल्टी जैसी शिकायतें हुईं। उनका इलाज फिलहाल डोंगरी स्थित हबीबी अस्पताल में चल रहा है। इस मामले में पहले पीड़ित की पहचान गोवंडी निवासी 26 वर्षीय सलमान मोहम्मद इस्लाम सैयद के रूप में हुई है, जो बैग निर्माण इकाई में कार्यरत है। जांच के दौरान पुलिस को कैप्सूल के पैकेट के साथ एक प्रचार-पत्र (लीफलेट) भी मिला, जिसमें दावा किया गया था कि यह उत्पाद अल्जाइमर, कैंसर, फूड पॉइजनिंग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD), कोलेस्ट्रॉल, थायरॉयड संबंधी समस्याओं, हार्ट अटैक और अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियों की रोकथाम या उपचार में प्रभावी है। लीफलेट में यह भी दावा किया गया था कि कैप्सूल सूजन कम करने, प्रजनन क्षमता बढ़ाने, शरीर के ऊतकों और अंगों की मरम्मत करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और पोषण प्रदान करने में सहायक है। इसमें आठ वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों, जिनमें गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली माताएं, बुजुर्ग और इलाजरत मरीज भी शामिल हैं, को रात में सोने से पहले एक कैप्सूल लेने की सलाह दी गई थी। साथ ही यह भी दावा किया गया था कि इस उत्पाद का “कोई साइड इफेक्ट नहीं” है। पैकेट पर उत्पाद की एक्सपायरी दिसंबर 2031 अंकित थी तथा www.gritpharma.com वेबसाइट का उल्लेख किया गया था। पैकेजिंग पर 17 Wood Lane, Stanmore HA7 3LQ, UK का पता, +44 से शुरू होने वाला संपर्क नंबर और भारत में लखनऊ के किशोरगंज स्थित HZH मार्ग, पेट्रोल पंप के सामने ग्रिट फार्मा का पता भी दर्ज था।जांच के दौरान पुलिस ने उस विक्रेता का भी पता लगा लिया है, जिससे आरोपी ने कथित तौर पर 50 किलोग्राम जिंक फॉस्फाइड खरीदा था। अब पुलिस पूरे सप्लाई चेन की गहन जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस जहरीले पदार्थ का उपयोग किस उद्देश्य से किया गया और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर मुंबई पुलिस ने दो विशेष जांच टीमें अन्य राज्यों में भी भेजी हैं। इन टीमों का उद्देश्य इस मामले से जुड़े संभावित अन्य आरोपियों, सप्लायरों और नेटवर्क का पता लगाना है। पुलिस पूरे प्रकरण की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।



