सांताक्रुज पूर्व नेहरू रोड पर अवैध बैनरों की भरमार, कार्रवाई न होने से उठे सवाल

मुंबई। बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा अवैध बैनर और होर्डिंग्स के खिलाफ सख्त निर्देश दिए जाने के बावजूद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के विभिन्न वार्डों में आज भी बड़ी संख्या में अवैध बैनर और पोस्टर खुलेआम नजर आ रहे हैं। शहर की सड़कों के किनारे लगे इलेक्ट्रिक पोलों पर राजनीतिक, व्यावसायिक और रियल एस्टेट से जुड़े बैनरों की भरमार देखी जा सकती है, जिससे बीएमसी के लाइसेंस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, बीएमसी के एच/पूर्व विभाग में लाइसेंस विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक नागेश साटम अवैध बैनर और होर्डिंग्स पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल साबित हो रहे हैं। इसका नतीजा यह है कि क्षेत्र में अवैध राजनीतिक बैनरों के साथ-साथ बिल्डरों और रियल एस्टेट कंपनियों के विज्ञापन भी खुलेआम इलेक्ट्रिक पोलों पर लगाए जा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, सांताक्रुज पूर्व स्थित नेहरू रोड पर बनारसी होटल के आसपास लगे कई इलेक्ट्रिक पोलों पर जेईटी रियल्टी (Jet realty) के विज्ञापन बैनर दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा बांद्रा पूर्व के खेरवाड़ी क्षेत्र सहित एच/पूर्व विभाग के कई इलाकों में अवैध बैनर और पोस्टर आसानी से देखे जा सकते हैं। नागरिकों का कहना है कि जब हाई कोर्ट ने अवैध बैनरों को हटाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए हैं, तो फिर इन बैनरों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है? इससे यह धारणा बन रही है कि या तो विभाग पूरी तरह निष्क्रिय है या फिर अवैध बैनर लगाने वालों को संरक्षण दिया जा रहा है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि समय-समय पर कार्रवाई की जाती, तो सार्वजनिक संपत्ति पर इस प्रकार अवैध विज्ञापनों की भरमार नहीं होती। इलेक्ट्रिक पोलों और सार्वजनिक स्थलों पर लगाए जाने वाले ऐसे बैनर न केवल नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि शहर की सौंदर्यता को भी प्रभावित करते हैं। अब देखना यह है कि बीएमसी एच/पूर्व विभाग की सहायक आयुक्त मृदुला अंडे इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अवैध बैनर लगाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करेंगी?




