Sunday, March 22, 2026
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महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम: ‘महालक्ष्मी सरस’ बना स्वयं सहायता समूहों का सशक्त बाजार

नागपुर। महालक्ष्मी सरस प्रदर्शनी केवल बिक्री का स्थान नहीं, बल्कि महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए एक प्रभावी बाजार के रूप में उभर रही है। रविवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य के 36 जिलों में ‘उमेद मॉल’ स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे महिलाओं को अपने उत्पादों के लिए स्थायी बाजार उपलब्ध होगा।इस प्रदर्शनी को नागरिकों का बढ़ता प्रतिसाद मिल रहा है और ‘महालक्ष्मी सरस’ एक मजबूत ब्रांड के रूप में पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से राज्य में लगभग 100 करोड़ रुपये का कारोबार हो रहा है, जो महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को मजबूत कर रहा है।इस अवसर पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे, ग्राम विकास मंत्री जयकुमार गोरे, वित्त एवं नियोजन राज्यमंत्री आशिष जयस्वाल तथा विधायक कृपाल तुमाने, कृष्णा खोपड़े और चरणसिंह ठाकुर उपस्थित रहे।महालक्ष्मी सरस 2026 में लगभग 404 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें अब तक करीब 10 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की जा चुकी है। सरकार इस बिक्री को और बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। राज्य में यह प्रदर्शनी तीन स्थानों पर आयोजित होती है और इसके माध्यम से कुल मिलाकर लगभग 100 करोड़ रुपये का कारोबार होता है, जिससे महिला उद्यमों को बड़ा प्रोत्साहन मिल रहा है।“लखपति दीदी” अभियान के तहत 1 करोड़ महिलाओं को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में 13 जिलों में ‘उमेद मॉल’ स्थापित किए जाएंगे और धीरे-धीरे इसे सभी 36 जिलों तक विस्तारित किया जाएगा। इस पहल के जरिए महिलाओं के उत्पादों की ब्रांडिंग, मार्केटिंग और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।राज्यमंत्री आशिष जयस्वाल ने बताया कि ‘नवसखी उद्योगिनी योजना’ के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों को 1 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे उन्हें वास्तविक आर्थिक मजबूती मिल रही है।इस दौरान मुख्यमंत्री फडणवीस ने ‘दीदी की रसोई’, ‘प्रोजेक्ट ड्रीम 100 विलेज लाइब्रेरी’, ‘आईसीटी लैब’, ‘एआई लैब ऑन व्हील्स (ज्ञानरथ)’, ‘सुपर 40 आंगनवाड़ी’ और ‘गुरुकुल एआई लैब’ जैसे नवाचारों का उद्घाटन किया। साथ ही जिले में 100 से अधिक पुस्तकालय स्थापित करने की पहल का भी शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल का दौरा कर महिलाओं से संवाद किया और उनके उत्पादों व बाजार से जुड़ी चुनौतियों की जानकारी ली। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं और अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

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