
जलगांव। महाराष्ट्र के जलगांव जिले में सोशल मीडिया के माध्यम से कथित तौर पर गैंगस्टर शहज़ाद भट्टी और लॉरेंस बिश्नोई के संपर्क में आने के संदेह में एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (एटीएस) ने सात से आठ युवाओं से पूछताछ की है। पूछताछ के बाद सभी युवाओं की काउंसलिंग कर उन्हें उनके अभिभावकों के सुपुर्द कर दिया गया। मामले की आगे जांच जारी है। सब-इंस्पेक्टर रवींद्र गायकवाड़ ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि जांच के दौरान यह सामने आया है कि कुछ युवा सोशल मीडिया पर शहज़ाद भट्टी जैसे लोगों को फॉलो करते थे और उनके वीडियो से प्रभावित हुए थे। उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है और जांच जारी है। गायकवाड़ ने बताया कि पूछताछ किए गए युवाओं में कुछ नाबालिग भी शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने जांच के तहत उनके सोशल मीडिया अकाउंट और बैंक खातों की भी पड़ताल की है ताकि किसी संदिग्ध गतिविधि या वित्तीय लेनदेन का पता लगाया जा सके। जांच एजेंसियों को आशंका है कि सोशल मीडिया के जरिए युवाओं से संपर्क कर उन्हें कथित तौर पर देश-विरोधी गतिविधियों के लिए भर्ती करने और स्लीपर सेल तैयार करने की कोशिश की जा रही हो सकती है। हालांकि, इस संबंध में जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है। सब-इंस्पेक्टर रवींद्र गायकवाड़ ने नागरिकों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर संदिग्ध या भड़काऊ सामग्री से प्रभावित न हों और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा सर्वोपरि है और युवाओं को सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करना चाहिए। खुफिया एजेंसियों के अनुसार, सोशल मीडिया का उपयोग कर युवाओं को प्रभावित करने और भारत के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाने की संभावनाओं की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क की भूमिका की गहन जांच में जुटी हैं।

