
मुंबई। एशिया के सबसे बड़े प्रस्तावित वधावन बंदर को राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए निर्णायक बताते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निर्देश दिया कि बंदरगाह को सड़क, रेल और वायु मार्ग से प्रभावी रूप से जोड़ने के लिए समन्वित कदम उठाए जाएं। साथ ही वधावन और विरार क्षेत्र में नए ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के लिए तत्काल भूमि चयन की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश भी दिए गए। शनिवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में महाराष्ट्र विमानतल विकास प्राधिकरण की 93वीं संचालक मंडल बैठक विधानमंडल परिसर में आयोजित हुई। बैठक में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव ओ. पी. गुप्ता, प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक स्वाती पांडेय, शहर और औद्योगिक विकास निगम (सिडको) के प्रबंध निदेशक डॉ. विजय सिंघल तथा नागपुर में मल्टी-मॉडल अंतर्राष्ट्रीय कार्गो हब और हवाई अड्डा (मिहान) के सह-प्रबंध निदेशक डॉ. विपीन विटणकर उपस्थित थे।
\गडचिरोली में बनेगा ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा
मुख्यमंत्री ने कहा कि गडचिरोली जिला देश के महत्वपूर्ण स्टील उद्योग केंद्र के रूप में उभर रहा है। औद्योगिक विस्तार और बढ़ती लॉजिस्टिक जरूरतों को देखते हुए वहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा विकसित किया जाएगा। बैठक में नांदेड, सिंधुदुर्ग और नागपुर के कार्यरत हवाई अड्डों के विस्तार एवं आधुनिकीकरण की प्रगति की समीक्षा की गई। राज्य के नौ हवाई अड्डों के विकास कार्यों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया गया।
मिहान विकास के लिए 597 करोड़ रुपये की मंजूरी
मिहान क्षेत्र में कई औद्योगिक परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं, जिनमें पतंजलि आयुर्वेद का प्रकल्प भी शामिल है। इसके अलावा भारतीय प्रबंधन संस्थान नागपुर, वाणिज्यिक कॉम्प्लेक्स, महाराष्ट्र एग्रो डेवलपमेंट कंपनी, महाराष्ट्र रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर, स्वास्थ्य सेवाएं, कार्गो हब तथा इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ई-वी चार्जिंग स्टेशन जैसी परियोजनाओं की जानकारी दी गई। मिहान के समग्र विकास के लिए 597 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 297 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। 39 एमएलडी क्षमता वाले 12.38 करोड़ रुपये के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। शिवनगांव और वित्तुबाबानगर क्षेत्र की आधारभूत सुविधाओं के लिए 99 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी भी प्रदान की गई है। राज्य में हवाई अड्डों और औद्योगिक आधारभूत ढांचे को मजबूत करने से निवेश, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।




