
मुंबई। फैशन डिजाइनर, उद्यमी और सांस्कृतिक प्रतिनिधि अंजलि फौगाट ने इस वर्ष कान्स फिल्म फेस्टिवल में भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और विरासत का प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई। वर्षों से फैशन को केवल परिधान तक सीमित न रखकर उसे सांस्कृतिक संवाद और उद्देश्यपूर्ण अभिव्यक्ति का माध्यम बनाने वाली अंजलि ने इस बार भी अपने विशेष प्रस्तुतीकरण से वैश्विक दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। अंजलि फौगाट ने स्वयं को एक दूरदर्शी, उद्देश्य-प्रेरित, मजबूत, आध्यात्मिक, वैश्विक, प्रामाणिक और प्रभावशाली व्यक्तित्व के रूप में परिभाषित करते हुए कहा कि यही विशेषताएं उनके डिजाइन, उद्यमिता और सांस्कृतिक कहानी कहने के सफर को दर्शाती हैं। पिछले सात वर्षों से कान्स फिल्म फेस्टिवल में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहीं अंजलि ने कहा कि वह इस मंच का उपयोग केवल फैशन प्रदर्शित करने के लिए नहीं, बल्कि भारतीय विरासत, कारीगरी और सार्थक कहानियों को वैश्विक मंच तक पहुंचाने के लिए करती हैं। उनके अनुसार, इस वर्ष का अनुभव विशेष रूप से भावनात्मक और आध्यात्मिक रहा, क्योंकि यह केवल ग्लैमर तक सीमित नहीं था, बल्कि भक्ति, संस्कृति और आंतरिक परिवर्तन का संदेश देने का अवसर भी बना। अंजलि को इस अवसर पर ग्लोबल फैशन विजनरी अवार्ड से भी सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके इस विश्वास को और मजबूत करता है कि फैशन केवल सौंदर्य का माध्यम नहीं, बल्कि संवाद, प्रेरणा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का सशक्त साधन भी है। इस वर्ष उनके प्रस्तुतीकरण का प्रमुख विषय राधा से प्रेरित था। अंजलि ने बताया कि राधा बिना शर्त प्रेम, भक्ति, समर्पण और दिव्य स्त्री शक्ति का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया, जो अक्सर बाहरी उपलब्धियों पर केंद्रित रहती है, उसमें आंतरिक जुड़ाव, करुणा और आध्यात्मिक चेतना के महत्व को रेखांकित करना आवश्यक है। राधा-प्रेरित उनके विशेष कॉउचर परिधान में पारंपरिक भारतीय कारीगरी, हाथ की बारीक कढ़ाई और आध्यात्मिक प्रतीकों का समावेश किया गया था। उन्होंने बताया कि प्रत्येक डिजाइन तत्व को भारतीय विरासत का सम्मान करते हुए आधुनिक वैश्विक फैशन दृष्टिकोण के अनुरूप तैयार किया गया। कान्स के दौरान अंजलि ने रेड कार्पेट प्रस्तुतियों, मीडिया साक्षात्कारों, नेटवर्किंग कार्यक्रमों, ब्रांड सहभागिताओं और अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संवादों में भाग लिया। उन्होंने कहा कि यह मंच उन्हें विश्वभर के दर्शकों से जुड़ने, भारतीय कारीगरों और डिजाइनरों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने तथा विभिन्न संस्कृतियों के बीच संवाद स्थापित करने का अवसर प्रदान करता है। अंजलि फौगाट का मानना है कि फैशन संस्कृतियों के बीच एक सेतु का कार्य कर सकता है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल परिधान प्रस्तुत करना नहीं, बल्कि लोगों को अपनी जड़ों, मूल्यों और उद्देश्य के प्रति सजग करते हुए उन्हें साहस और प्रामाणिकता के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।



