मुंबई। पश्चिम एशिया में जारी संकट के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से ऊर्जा बचत, सार्वजनिक परिवहन के उपयोग, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और अनावश्यक खर्चों से बचने की अपील के बाद महाराष्ट्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण उपायों की घोषणा की है। राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में विदेश दौरों पर रोक, सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग, ऊर्जा बचत, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और डिजिटल माध्यमों से सरकारी कामकाज को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल के हस्ताक्षर से जारी परिपत्र के अनुसार सरकारी अधिकारियों के विदेश दौरे फिलहाल रद्द किए जाएंगे और नए दौरों की योजना बनाने से भी बचने को कहा गया है। साथ ही वाहनों के उपयोग में कमी लाने के लिए कारपूलिंग, सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा। वरिष्ठ अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम एक दिन मेट्रो, लोकल ट्रेन या बस से यात्रा करने की सलाह दी गई है। सरकार ने मंत्रालय, विभागीय कार्यालयों और जिला स्तर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और सेमिनार आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को भी ऑनलाइन बैठकों को प्राथमिकता देने के लिए कहा गया है। ऊर्जा बचत के लिए सरकारी कार्यालयों में प्राकृतिक रोशनी के उपयोग को बढ़ावा देने, अनावश्यक बिजली उपकरण बंद रखने और एयर कंडीशनर का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अलावा “प्रधानमंत्री सूर्यघर” योजना के तहत सौर ऊर्जा परियोजनाओं को तेजी से लागू करने पर भी जोर दिया गया है।इंधन बचत के उद्देश्य से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने तथा पीएनजी गैस के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए लंबित प्रस्तावों को शीघ्र मंजूरी देने की बात कही गई है। मुंबई समेत बड़े शहरों के होटल और रेस्टोरेंट्स को भी पीएनजी अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। खाद्य तेल की खपत कम करने के लिए सरकारी कैंटीन, आंगनवाड़ी, अस्पतालों और छात्रावासों के मेन्यू में बदलाव किए जाएंगे। पाम और सोयाबीन तेल की जगह मूंगफली और सरसों के तेल के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का अभियान भी चलाया जाएगा। कृषि क्षेत्र में रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक, जैविक और ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। किसानों को मिट्टी परीक्षण के आधार पर फसल संबंधी मार्गदर्शन दिया जाएगा और उर्वरकों के दुरुपयोग को रोकने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके अलावा पुलिस विभाग को वाहन जुलूस और बाइक रैलियों की अनुमति नहीं देने के निर्देश दिए गए हैं। सरकारी विज्ञापनों और खर्चीले कार्यक्रमों पर भी नियंत्रण रखा जाएगा। अगले छह महीनों तक सलाहकारों की नई नियुक्तियों पर रोक लगाने का निर्देश भी सभी प्रशासनिक विभागों को दिया गया है। राज्य सरकार ने सभी विभागों, जिलाधिकारियों, महानगरपालिकाओं और सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।