
मुंबई। महाराष्ट्र में भारी बारिश के कारण उत्पन्न आपदा की स्थितियों से निपटने के लिए राज्य सरकार ‘एक्शन मोड’ पर काम कर रही है। पुणे जिले के मोशी में हुए हादसे के बाद इमारत में फंसे नागरिकों को बचाने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार अब तक नौ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। हादसे के बाद आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने देर रात घटनास्थल का दौरा कर बचाव कार्यों का जायजा लिया। हादसे के समय इमारत में कुल 23 नागरिक फंसे थे, जिनमें से ऊपरी मंजिल पर मौजूद पांच लोग स्वयं सुरक्षित बाहर निकल आए, जबकि अन्य नागरिकों को निकालने के लिए विभिन्न एजेंसियां लगातार प्रयास कर रही हैं। मानसून के दौरान अतिवृष्टि, बाढ़, भूस्खलन, तेज हवाओं और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के खतरे को देखते हुए राज्य की आपदा प्रबंधन एजेंसियों, जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन दल, स्वास्थ्य विभाग तथा राष्ट्रीय और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल के बीच समन्वय स्थापित कर नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष में आयोजित बैठक में बारिश से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की। आपदा प्रबंधन विभाग की प्रधान सचिव विनिता वेद सिंगल ने उन्हें राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत और बचाव कार्य तेज करने तथा आपातकालीन नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय रखने सहित विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस ने विधानसभा में बताया कि मुंबई में छह दिनों के दौरान कुलाबा में 882 मिमी और सांताक्रूज में 988 मिमी बारिश दर्ज की गई। केवल छह दिनों में वार्षिक बारिश का लगभग 42 प्रतिशत पानी बरसा। इस दौरान 50 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं और चार मीटर से अधिक ऊंची ज्वार की लहरों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया, लेकिन विभिन्न एजेंसियों ने प्रभावी ढंग से काम किया। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने पुणे जिलाधिकारी कार्यालय स्थित जिला नियंत्रण कक्ष का दौरा कर बारिश से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को तत्काल आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए। पालघर जिले में भारी बारिश के कारण कई गांवों में पानी घुसने और जनजीवन प्रभावित होने के बाद आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने जव्हार, मनोर सहित विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया। वहीं महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिति तटकरे ने मंत्रालय स्थित राज्य आपातकालीन कार्य केंद्र में रायगढ़, रत्नागिरी सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों की बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। ठाणे जिले के कलवा पूर्व स्थित भास्कर नगर के आदर्श चॉल इलाके में पहाड़ी से बड़ी मात्रा में पानी आने के कारण घरों को खतरा पैदा होने की शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल ने तत्काल घटनास्थल का दौरा किया और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। समय पर की गई कार्रवाई के कारण सभी घर सुरक्षित हैं और किसी प्रकार की जनहानि या वित्तीय नुकसान की सूचना नहीं है। पुणे जिले में मानसून के दौरान पर्यटकों की बढ़ती भीड़, संभावित दुर्घटनाओं तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मावल तालुका के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 लागू की गई है। यह आदेश 31 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगा। राज्य सरकार का कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं की तीव्रता को रोकना संभव नहीं है, लेकिन बेहतर समन्वय, तत्पर प्रशासन और तेज रेस्क्यू ऑपरेशन के माध्यम से जनहानि कम करने तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी एजेंसियां युद्धस्तर पर काम कर रही हैं।



