
इंद्र यादव/अंबरनाथ। पुलिस को आमतौर पर कानून व्यवस्था बनाए रखने और सख्त कार्रवाई के लिए जाना जाता है, लेकिन अंबरनाथ पुलिस ने संवेदनशीलता और मानवीयता का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है जिसकी हर ओर सराहना हो रही है। NEET परीक्षा देने पहुंची छात्रा आलिशा उस समय गंभीर परेशानी में पड़ गई, जब परीक्षा केंद्र पहुंचने पर उसे पता चला कि उसके पास परीक्षा में शामिल होने के लिए आवश्यक फोटो और कुछ जरूरी पैसे नहीं हैं। नियमों के अनुसार इन दस्तावेजों के बिना परीक्षा केंद्र में प्रवेश संभव नहीं था और उसका पूरा साल खराब होने का खतरा पैदा हो गया था। इसी दौरान परीक्षा केंद्र पर ड्यूटी कर रहे वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शब्बीर सय्यद और सहायक पुलिस निरीक्षक पानसरे की नजर छात्रा पर पड़ी। छात्रा की परेशानी जानने के बाद दोनों अधिकारियों ने तत्काल मदद का निर्णय लिया। उन्होंने बिना समय गंवाए छात्रा के लिए आवश्यक फोटो की व्यवस्था कराई और उसे परीक्षा से संबंधित सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने में सहयोग दिया। इतना ही नहीं, पुलिस अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि आलिशा निर्धारित समय सीमा के भीतर सुरक्षित रूप से परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर सके और परीक्षा में शामिल हो जाए। अंबरनाथ पुलिस की इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई ने न केवल एक छात्रा को परीक्षा देने का अवसर दिलाया, बल्कि उसके भविष्य को भी सुरक्षित करने का काम किया। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने पुलिस अधिकारियों के इस मानवीय व्यवहार की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं पुलिस और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करती हैं। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि संकट की घड़ी में पुलिस केवल कानून व्यवस्था की प्रहरी ही नहीं, बल्कि समाज की सच्ची सहयोगी भी है।



